रायपुर 06/08/2022 /// सभा के सदस्यों ने चुनाव अधिकारी से अध्यक्ष पद के चुनाव में भाग लेने के लिए अधिकृत नामांकन फार्म मांगा तो उन्होंने फॉर्म देने से मना कर दिया है , यह कहते हुए की हम सर्वसम्मति से चुनाव की घोषणा कर अध्यक्ष का निर्वाचन करेंगे |
इस तरीके के बयान देने का अधिकार संवैधानिक तौर पर चुनाव अधिकारी को होता नहीं है . अगर सदस्य चुनाव लड़ना चाहते हैं तो चुनाव अधिकारी की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह उन्हें वैधानिक तौर पर वह सारी सामग्री उपलब्ध कराए जो चुनाव की प्रक्रिया में उपयोग होनी है
चुनाव अधिकारी फॉर्म भरने से मना नहीं कर सकता क्योंकि चुनावी कार्यक्रम में चुनाव की घोषणा के साथ ही वोटर लिस्ट का सत्यापन. नामांकन भरने की तिथि नामांकन वापस करने की तिथि घोषित हो जाती है जो अभी तक नहीं हुई है जबकि मतदान की 28 अगस्त तिथि घोषित हो गई है .यह भी समझ ने वाली बात है की यदि नाम वापसी की तारीख के बाद आखरी में एक फॉर्म बचता है तो वैसे ही सर्वसम्मति से निर्विरोध चुनाव हो जाता है लेकिन इस प्रक्रिया को समझने के लिए चुनाव अधिकारी तैयार नहीं सदस्यों का कहना है कि चुनाव अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है दाल में कुछ काला है
सूत्रों से मिली जानकारी के से यह पता चला है कि चुनाव अधिकारी जिसे निष्पक्ष होना चाहिए वह एक विशेष गुट की सह पर इस तरीके के निर्णय ले रहा है चुनाव में धांधली की संभावनाओं को देखते हुए सदस्य अब इस मामले को न्यायालय में ले जाने का भी मन बना रहे हैं




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