रायपुर /// अग्रवाल सभा रायपुर के चुनाव को लेकर घमासान जारी है दोनों पक्षों द्वारा सूचना और आम सूचनाओं का दौर और उनके खंडन से रायपुर के अग्रबंधुओं में चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है अग्रवाल समाज के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में अग्र बंधुओं द्वारा अपील की जा रही हैं कि भाईचारे से मामले को निपटा लिया जाए लेकिन विजय अग्रवाल जो की राजनीति से प्रेरित हैं उन्होंने एक तरफा अपना एजेंडा चलाया हुआ है जिसका विरोध अग्र बंधुओं का एक बड़ा वर्ग लगातार कर रहा है ,हाल ही में जब 14 जुलाई को एक अधिसूचना विजय अग्रवाल द्वारा जारी हुई कि 28 अगस्त को अध्यक्ष का चुनाव है को लेकर अग्रवाल सभा रायपुर के उपाध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल में भी उस सूचना का खंडन करते हुए कहा है कि विजय अग्रवाल द्वारा जो एजेंडा चलाया जा रहा है का उन्हें वैधानिक अधिकार ही नहीं है क्योंकि सभा के बायलाज के अनुसार कोई भी महासचिव 3 बार इस पद पर नहीं रह सकता विजय अग्रवाल पिछले 11 वर्षों से इस कुर्सी पर कैसे विराजमान हैं का कार्यकाल बहुत पहले ही समाप्त हो गया है अतः वैधानिक रूप से इस तरह कि कोई भी गतिविधियां विजय अग्रवाल संचालित नहीं कर सकते
1963 में पंजीकृत रायपुर अग्रवाल सभा मैं आज करीब 26,000 से अधिक सदस्य होने की संभावनाएं बताई जा रहे हैं जिसको लेकर उपाध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल का कहना है कि विधि सम्मत सदस्य सूची का अनुमोदन करने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया जारी की जाएगी
अग्रवाल सभा रायपुर की वर्तमान की स्थिति यह है कि अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष दोनों ने अपना इस्तीफा दे दिया है उनके स्तीफे की खबरउन सभी पदाधिकारियों को भी है और कार्यकारिणी के सदस्यों को भी है इस्तीफे के बाद अग्रवाल सभा के बायलॉज के आधार पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालीनी होती है और जब तक नए अध्यक्ष का निर्वाचन नहीं हो जाता तब तक उपाध्यक्ष को संस्था को सुचारू रूप से चलाने के समस्त अधिकार है उपाध्यक्ष जैसे ही कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभालता है सबसे पहले उसकी जिम्मेदारी संस्था के विधिवत चुनाव करवा कर नई बॉडी के गठन करने की प्रक्रिया को पूरी करना होता है वर्तमान में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल ने कार्यभार संभाल लिया है और उन्होंने विधिवत सूचना देते हुए समस्त रायपुर के अग्र बंधुओं को सदस्यता अभियान से जुड़ने की अपील की है जो अग्रवाल सभा रायपुर के नियमों के तहत विधि सम्मत है
विजय अग्रवाल की एकतरफा मनमानी को लेकर अग्र बंधुओं में भारी आक्रोश है उनका कहना है कि राजनीतिक संरक्षण और दबाव से सामाजिक संस्था को दूर रहना चाहिए यह एक सामाजिक संस्था है और सामाजिक संस्था में इस तरह के वातावरण से दूर रहना चाहिए अधिकांश वरिष्ठ सदस्यों का कहना है कि सर्वसम्मति से अभी तक हमारी संस्था का संचालन होता रहा है आगे भी ऐसे ही होना चाहिए चुनाव वैसे तो किसी भी सामाजिक संस्था में सदस्यों के बीच मनमुटाव ले ही आते हैं इस टकराव से बचने के लिए समस्त सदस्यों का कहना है कि अब एक ही रास्ता बचा है कि संस्था को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए संस्था का विधिवत निष्पक्ष चुनाव कराया जाए इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है सदस्यों की संख्या का वैधानिक तरीके से अनुमोदन होना है जिसकी तैयारी में उपाध्यक्ष रामअवतार अग्रवाल और उनकी टीम लग गई है उन्होंने विजय अग्रवाल से भी कहा है कि वह संस्था के हित में विधिवत चुनाव करवाने के लिए सहयोग करें




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