2 दिन में 15 सौ से ज्यादा वनाधिकार पट्टे बंटे काबिज वन भूमि पर मिला मालिकाना हक
पाराडोल 29 जून /// मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों वनाधिकार पट्टा पाकर जनजातीय और वनवासी परिवारों के चेहरे ऐसे खिले जैसे उन्हें खजाना मिल गया हो। मुख्यमंत्री के कोरिया जिला प्रवास के दो दिन में ही जिले में 1500 से ज्यादा हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र बांटे गए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासन द्वारा वनाधिकार पत्र वितरण में बेहतर कार्य करने को लेकर प्रशंसा भी की है।
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मुख्यमंत्री श्री बघेल के हाथों बहरासी में 500, रामगढ़ और रजौली में 305, कटकोना और पाराडोल में 423 हितग्राहियों को पट्टे वितरित किये गए। पट्टा मिलने पर हितग्राहियों की खुशी देखते ही बनती थी।छत्तीसगढ़ सरकार के जनहितैषी निर्णय के फलस्वरूप वन भूमि में वर्षो से रह रहे लोगों को वनाधिकार पत्र मिलने से गरीब परिवारों की जिंदगी संवर गई है। छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी योजना वनाधिकार पट्टा से वन क्षेत्रों में वन भूमि में काबिज लोगों को उनके सुविधा के लिए राज्य सरकार के संवेदनशील निर्णयों के कारण लंबे समय तक इस भूमि में काबिज होकर महतारी की सेवा कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे भूमि पुत्रों को आखिरकार जंगल-जमीन का मालिकाना हक मिल ही गया है, जिससे वन भूमि के स्वामित्व को लेकर उनकी चिंताएं दूर हो गई है।

जिले में 17 हजार से ज्यादा लोगों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्र का वितरण किया गया है, जिनका रकबा 15 हजार 081 हेक्टेयर है। सामुदायिक वन अधिकार दावे के कुल 1 हजार 514 पट्टे जिनका रकबा 18 हजार 5 हेक्टेयर और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार दावे के कुल 165 पट्टे जिनका रकबा 9 हेक्टेयर 138 हेक्टेयर है, वितरित किए गए हैं।




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