रायपुर, /// सौर सुजला योजना के माध्यम से राज्य में सरफेस वाटर को लिफ्ट कर
सिंचाई करने पर बल दिया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक भूमिगत जल भविष्य
के लिए सुरक्षित रहे और बरसात के रोके गए पानीे तथा नदी एवं नालों के बहते पानी का
सदुपयोग कर खेती को उन्नत किया जा सके।
जशपुर जिले में किसानों द्वारा अब
अपने पड़ती खेतों में मिर्च, टमाटर, खीरा सहित अन्य सब्जियों की खेती की जा रही है और वे आर्थिक रूप से
समृद्धि की राह पर चल पड़े है। योजना के अंतर्गत अब तक 4337 सोलर पंप किसानों
के खेतों में सिंचाई के लिए लगाए गए है। इसमें से 80 फीसदी से ज्यादा सोलर पंपों के माध्यम
से सरफेस वाटर को लिफ्ट कर सिंचाई की जा रही है।
जिले के बगीचा ब्लॉक के ग्राम बिमड़ा
के कृषक सुधोराम के लिए यह योजना बेहद लाभकारी सिद्ध हुई है। साल भर पहले उन्होंने
अपने खेत में सोलर पंप लगाकर खीरे की खेती शुरू की। एक सीजन में ही सुधो राम ने
लगभग 4 लाख से अधिक का मुनाफा कमाया है। सुधो राम के खेत के समीप बहने
वाली मैनी नदी से पानी लिफ्ट कर अपने खेतों में सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित की।
उल्लेखनीय है कि सौर सुजला योजना के अंतर्गत 3 एवं 5 हार्सपावर के पंप की स्थापना पर औसतन 3 लाख रुपए का व्यय
आता है, जिसमें से किसान को मात्र 10 से 25 हजार रुपए ही देेने होते हैं।




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