बारसूर 23 मई 2022 //// बड़े तुमनार को उप तहसील बनाया जायेगा। ग्राम पंचायत कौरगांव में 30 सीटर अस्पताल भवन का निर्माण करवाया जायेगा। कुण्डेनार (मासोडी) कच्चाघाटी में एनीकेट एवं रिटनिंग वॉल निर्माण करवाया जायेगा।नगर पालिका दंतेवाड़ा में लालपानी से प्रभावित एवं एन.एम.डी.सी. के गोद ग्राम पंचायत दुगेली में एनीकेट निर्माण कार्य करवाया जायेगा।हायर सेकेन्डरी स्कूल दंतेवाड़ा में नवीन भवन निर्माण करवाया जायेगादंतेवाड़ा शहर में महिला थाना का निर्माण करवाया जायेगा।दंतेवाड़ा हाई स्कूल मैदान का जीर्णाेद्वार एवं सौंदर्यीकरण करवाया जायेगाग्राम पंचायत चेरपाल में बाजार हाट निर्माण कार्य करवाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने बारसूर तहसील कार्यालय बारसूर का निरीक्षण किया।उन्होंने अधिकारियों से राजस्व मामलों की जानकारी ली।उल्लेखनीय है कि हाल तहसील कार्यालय का उद्घाटन वर्चुअल रूप से हाल ही में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने 31 मार्च को किया था।तहसील बनने से 31 गांव (15 ग्राम पंचायत) के 25 हज़ार 220 रहवासियों को लाभ मिलेगा। मुख्यतः मुरिया, माड़िया और हल्बा जनजाति के लोगों का निवास, राजस्व से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए गीदम जाना पड़ता।इंद्रावती नदी पार के 4 ग्राम पंचायतों (पाहुरनार, चेरपाल, तुमरीगुंडा और कौरगांव) की लगभग 2 हज़ार लोगों को लाभ मिल रहा है।
इस दौरान 3 हितग्राही को वनाधिकार पत्र, दो हितग्राही को जाति प्रमाण पत्र, दो हितग्राही को किसान किताब का वितरण किया गया।भेंट-मुलाकात : बारसूर, आत्मसमर्पित नक्सली अनिल कुंजाम ने मुख्यमंत्री को बताई अपनी आपबीती, जिस स्कूल को तोड़ा उसे ही बनाने में किया सहयोगमेधावी छात्र छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना से संभव हुई मनीषा की नर्सिंग की पढ़ाईनर्स बनकर करना चाहती है मुख्यमंत्री की बढ़ाई
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वन में कुछ कर गुजरने की ललक के साथ कटेकल्याण की मनीषा जायसवाल ने नर्सिंग की पढ़ाई करने की ठानी, किंतु परिवार में आर्थिक तंगी उसके सुंदर भविष्य की राह रोक खड़ी थी। श्रम विभाग अंतर्गत संचालित मेधावी छात्र छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत प्राप्त राशि से मनीषा आज अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर रही है। अपने सपने को पूरा करने की राह पर अग्रसर मनीषा ने इसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को दिया है। भेंट मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान मनीषा ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति सही नही होने के कारण, मनीषा की नर्सिंग की पढ़ाई, मात्र सपना बनकर रह गई थी। उसके जीवन में बदलाव की बयार आई जब उसे मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना का लाभ मिला। मनीषा को अब तक 93 हजार रुपए प्रदान हो चुके हैं। जिससे वो अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर रही है।
शुरुआत से ही पढ़ाई के क्षेत्र में उम्दा रहीं मनीषा को मेडिकल क्षेत्र में आगे की पढ़ाई करनी थी। पिता रोजी मजदूरी कर, कड़ी मेहनत से दो वक्त की रोटी जुटा पाते थे। ऐसे में मनीषा के लिए नर्सिंग की महंगी पढ़ाई करना असंभव था। जब श्रम विभाग के अंतर्गत उनके पिता श्री महेश जायसवाल का पंजीयन राजमिस्त्री प्रवर्ग में हुआ। तब मनीषा को मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत पढ़ाई हेतु सहायता राशि प्रदान होने लगी। आज मनीषा ने नम आंखों से बताया की शासन की योजना के चलते ही वह इस काबिल बन पाएगी कि एक सफल नर्स बनकर मुख्यमंत्री का मान बढ़ा सके।




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