रायपुर, // छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप पाॅवर कम्पनी द्वारा प्रदेश की विद्युत प्रणाली में अनवरत् सुधार कार्य किये जा रहे हैं। पूर्व के कार्यों का आकलन कर नई कार्ययोजना तैयार की गई है। पूर्ववर्ती राज्य सरकार द्वारा नये कनेक्शन दिये जाने का वादा तो किया गया किन्तु उसके अनुरूप ट्रांसफार्मरों की संख्या, उनकी क्षमता में वृद्धि एवं ग्रिड के संचालन का कार्य उसके अनुपात में नहीं किया गया जिसका परिणाम यह हुआ कि देवभोग एवं गरियाबंद जैसे क्षेत्रों में लो वोल्टेज एवं प्रणालियों पर बार-बार ओवरलोड की समस्या उत्पन्न होने लगी। इसके निराकरण हेतु प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार ने विगत पांच महिनों में ही मुख्यमंत्री ऊर्जा प्रवाह योजना अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 33/11 केव्ही के 34 नये उपकेन्द्र की स्थापना के कार्य को प्राथमिकता से किया जा रहा है। साथ ही शहरी क्षेत्रों में 33/11 केव्ही के 9 उपकेन्द्र स्थापित किये गये।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में स्थापित 33 सबस्टेशनों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर क्षमता वृद्धि करते हुये बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। पूर्व में संचालित पाॅवर ट्रांसफार्मर में 40 नये एवं उन्नत क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाकर ग्रिड को मजबूती प्रदान करने का प्रस्ताव है। इस प्रकार कुल 116 सबस्टेषन में नवीन स्थापना क्षमता, उन्नयन कार्य किया गया। इसका लाभ बलोदाबाजार के राजदेवरी, कटगी, गिधपुरी, बलरामपुर के महावीरगंज, पास्ता, जांजगीर-चांपा के कचन्दा, कोेसी, लखानी व गरियाबन्द के मालगाँव एवं डोंगरीगाँव जैसे अनेकों दूरस्थ ग्रामों को मिला।
प्रथम चरण में प्रदेश के दूरस्थ ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जहाँ तक बिजली पहुँचा दी गई थी, किन्तु बिजली की सतत् आपूर्ति एवं वोल्टेज़ को मेंटेन करने में बहुत कठिनाईयाॅ आ रही थी। पाॅवर कम्पनी द्वारा ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है एवं सतत् बिजली आपूर्ति हेतु स्थायी समाधान करने के लिए प्रयासरत किये जा रहे हैं।




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