दिव्य-दूत

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बिजली के घटिया उपकरण खरीदने के लिए ज़िम्मेदार लोग आंदोलन की बात कर रहे हैं : कांग्रेस

Anil Choubey 21-06-2019 21:46:58


सच यह है कि भाजपा शासनकाल से कम बिजली गुल हुई  कांग्रेस सरकार में रायपुर//  भाजपा ने 15 साल के शासनकाल में यदि बिजली को लेकर गंभीरता से काम किया होता तो आज छत्तीसगढ़ की वह स्थिति नहीं होती जो हो रही है. सच यह है कि भाजपा शासनकाल में बिजलीघर से लेकर ट्रांसमिशन तक सब कुछ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की गिरफ़्त में रहा, अब वही भाजपा बिजली कटौती को लेकर आंदोलन की बात कर रही है।

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पिछले पांच साल के पांच माह की कटौती की रिपोर्ट बताती है कि भाजपा शासनकाल में पिछले साल करीब सवा लाख घंटे बिजली गुल रही, जबकि कांग्रेस शासन में यह आंकड़ा एक लाख घंटे से कम है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि प्रदेश में शहर से लेकर गांवों तक बिजली कटौती की जा रही है।

 

विवरण 

जनवरी से मई 2018 तक

भाजपा शासनकाल में  

जनवरी से मई 2019 तक

कांग्रेस शासन काल में  

33KVA फीडर

ब्रेक डाउन और शटडाउन  

 8254 बार  

 6761 बार  

33KVA बिजली बंद

16645.69 घंटे  

  13041.02 घंटे  

11KVA फीडर,  

ब्रेक डाउन और शटडाउन

84421 बार  

70449 बार,  

11KVA फीडर बंद

104770 घंटे 

85772 घंटे,  

दोनो फीडर

ब्रेक डाउन और शटडाउन  

92675 बार ब्रेक शटडाउन, 

 77510 बार ब्रेक शटडाउन,  

 

दोनो फीडर

बिजली बंद  

 121046 घंटे  

 98813 घंटे   

 

 

 

घटिया क्वालिटी के ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों की रमन  

 

सिंह सरकार में की गयी खरीदी के कारण इनके जलने खराब होने और ओवरलोड के कारण ट्रिप होने और प्रीमानसून मेंटेंनेस को पूरी भाजपा सुनियोजित रूप से पावर कट के रूप में प्रचारित करने में जुट गयी है। परिस्थितियो को बिगाड़ने के लिये प्रीमानसून मेंटेंनेन्स, ओवरलोड ट्रिपिंग या घटिया क्वालिटी विद्युत के उपकरणों के बार-बार खराब होने के कारण बिजली चले जाने को रमन सिंह जी के 15 वर्षो के शासनकाल में विद्युत मंडल में उपकृत करने के उद्देश्य से घुसाये गये संघी अधिकारी झूठमूठ में पावर कट कहकर विद्युत मंडल ही के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुये है। कांग्रेस सरकार ने तो प्रदेश में बिजली की मांग से ज्यादा उत्पादन के द्वारा कीर्तिमान स्थापित किया है जिससे बौखलाकर जनविरोधी रवैय्ये के उजागर होने से डूबती हुयी भाजपा द्वारा हर मामले में झूठ के तिनके को सहारा बनाया जा रहा है। 

ऽ    बिजली की समस्या पिछली सरकार रमन सिंह की ही देन है। 

ऽ    भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी ने पूरे बिजली विभाग के तंत्र को नुकसान पहुंचाया है। 

ऽ    बिजली का बिल हाफ करने से भाजपा घबरा गई है और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। 

ऽ    15 वर्षो की रमन सरकार पर यह आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की सौभाग्य योजना का लक्ष्य पूरा करने की हड़बड़ी में बिना ट्रांसमीशन लाईन की केपिसिटी बढ़ाये, ट्रांसफार्मरों और सबस्टेशनों के बिना क्षमता बढ़ाये और नये ट्रांसफार्मर और नये सबस्टेशन लगाये बिना लोड बढ़ाया गया और आधा अधूरा काम किया गया, जिसमें भी जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। जिसके कारण ही बिजली बार-बार गुल हो रही और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

ऽ    पावर कंपनी पिछले वर्षो से अधिक बिजली का रिकार्ड उत्पादन लगभग 4444 मेगावाट कर रही है एवं प्रदेश में इस समय मांग 4416 मेगावाट की है। 

ऽ    इस प्रकार बिजली की प्रदेश में कमी तो नहीं है परंतु पिछले समय उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण की खरीदी नहीं की गयी तथा कर्मचारियों की कमी की समस्या को भी दूर नहीं किया गया। 

ऽ    पिछले 15 वर्षो में कर्मचारियों की नई भर्ती भी नहीं की गयी। 

ऽ    कर्मचारियों के रिटायर होने पर या मृत्यु होने पर उन खाली पदों की पूर्ति भी नहीं की गयी। 

ऽ    जिससे उचित रूप से लाईन का रख-रखाव का कार्य प्रभावित हुआ। 

ऽ    भाजपा की सरकार ने विद्युत कंपनी को खस्ताहाल में छोड़कर गयी है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।

 

 

शैलेश नितिन त्रिवेदी

महामंत्री एवं अध्यक्ष संचार विभाग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी

 


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