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आम आदमी की जेब में पैसा डालने वाला बजट है >> मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Anil Choubey 09-03-2022 18:02:17


देश में पहली बार गोधन से बने ब्रीफकेस में पेश किया गया बजट

छत्तीसगढ़ बजट में दिखा गोधन न्याय योजना का प्रभाव मां लक्ष्मी के प्रतीक के तौर पर विशेष रूप से तैयार किया गया गोधनमय ब्रीफकेस

रायपुर, 09 फरवरी 2022/ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तीकरण के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बजट पेश करने के लिए जिस ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया वो चमड़े या जूट का नहीं होकर गोबर के बाई प्रोडक्ट से निर्मित है। मुख्यमंत्री के द्वारा बजट के लिए इस्तेमाल किए गए ब्रीफकेस को गोबर के पाउडर से तैयार किया गया है जिसे महिला स्वसहायता समूह की दीदी नोमिन पाल द्वारा बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने मां लक्ष्मी के प्रतीक के रूप में गो-धन से निर्मित ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया है। नगर निगम रायपुर के गोकुल धाम गोठान में काम करने वाली "एक पहल" महिला स्वसहायता समूह की दीदियों ने गोबर एवं अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से इस ब्रीफकेस का निर्माण किया है और इसी ब्रीफकेस में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में बजट पेश किया है । इस ब्रीफकेस की खासियत ये है कि इसे गोबर पाउडर, चुना पाउडर, मैदा लकड़ी एवं ग्वार गम के मिश्रण को परत दर परत लगाकर 10 दिनों की कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है । बजट के लिए विशेष तौर पर तैयार किए गए इस ब्रीफकेस के हैंडल और कार्नर कोंडागांव शहर के समूह द्वारा बस्तर आर्ट कारीगर से तैयार करवाया गया है ।

 छत्तीसगढ़ में ये मान्यता है कि गोबर मां लक्ष्मी का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के तीज त्यौहारों में घरों को गोबर से लीपने की परंपरा रही है। इसी से प्रेरणा लेते हुए स्व सहायता समूद की दीदियों द्वारा गोमय ब्रीफकेस का निर्माण किया गया है ताकि मुख्यमंत्री के हाथों इस ब्रीफकेस से छत्तीसगढ़ के हर घर में बजट रूपी लक्ष्मी का प्रवेश हो और छत्तीसगढ़ का हर नागरिक आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।

छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना ने पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बनायी है। पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि गोबर से कोई सामग्री भी तैयार की जा सकती है। लेकिन गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने गोबर को छत्तीसगढ़ की आर्थिक क्रांति के रूप में प्रस्तुत किया है। इसकी तारीफ प्रधानमंत्री और कृषि मामलों की संसदीय समिति भी कर चुकी है। गोधन न्याय की आर्थिक क्रांति से छत्तीसगढ़ में 10591 गौठानों की स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 8048 गौठानों का निर्माण पूरा हो चुका है। राज्य के 2800 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं जहां पशुपालक ग्रामीणों से गोबर खरीदी में स्वयं की पूंजी का निवेश करने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ बजट के प्रमुख आकर्षण

1.       कोरोना महामारी के बीच कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते वर्षों बाद छत्तीसगढ़ में राजस्व आधिक्य का बजट प्रस्तुत हुआ है । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा गांव, गरीब, किसान, वनवासी और मजदूरों के लिये शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं से हर वर्ग के लोगों की जेब में सीधा पैसा पहुंचा जिससे विश्वव्यापी मंदी के बावजूद राज्य में सभी सेक्टरों में जबरदस्त उछाल रहा । आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार 2020-21 की तुलना में इस साल जीएसडीपी में 11.54 प्रतिशत की वृद्धि हुई है ।2.        प्रति व्यक्ति आय में 11.93 प्रतिशत की बढोतरी हुई है ।

3.       राज्य में कृषि के क्षेत्र में 3.88 प्रतिशत , औद्योगिक क्षेत्र में 15.44 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 8.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है ।

 4.      कृषि और सेवा क्षेत्र में हम छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर के बराबर और औद्योगिक क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर से 3.64 प्रतिशत अधिक हैं ।

5.       राज्य का सकल घरेलू उत्पाद पिछले वर्ष की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 13.60 प्रतिशत अधिक है ।

6.       राज्य के स्वयं के राजस्व स्त्रोतों में वृद्धि हेतु लगातार  किये गये प्रयासों से राज्य के स्वयं के राजस्व प्राप्तियों में 27 प्रतिशत जबकि केंद्र से मिलने वाले राजस्व में 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है ।

7.       इस साल के बजट में सोशल सेक्टर के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी बजट की बढ़ोत्तरी की गई है ।

8.       छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नई औद्योगिक नीति में दिये गये छूट से छोटी औद्योगिक इकाईयों को बढ़ावा मिला है जिससे राज्य में स्टील मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की तुलना में 13.40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है ।

9.       करीब तीन लाख सरकारी अधिकारी - कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना वापस लागू करने से कर्मचारी एवं उनके परिवारों को न केवल सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मिलेगी बल्कि लोक सेवाओं के प्रति युवाओं का आकर्षण बढ़ेगा ।

10.     राज्य के युवाओं को व्यापमं एवं पीएससी की परीक्षाओं में परीक्षा शुल्क से छूट दी गई है ।


11.     सांसद श्री राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की सहायता राशि 6 हजार रूपये से बढ़ाकर 7 हजार रूपये की गई ।

12.     गौठानों को महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा । इन्हें विकसित करने के लिये 600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है ।

13.     विधायक निधि की राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ की गई है ।

14.     इस साल के बजट में राजकोषीय घाटा 3.30 प्रतिशत जो वर्ष 2019-20 से 1.91 प्रतिशत कम है, इसकी मुख्य वजह कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लगातार ऋण लेना कम किया है, जनता से किये सारे वादे पूरे कर रहे हैं, किसानों, वनवासियों, भूमिहीन मजदूरों की जेब में सीधे पैसा पहुंचाया , भविष्य की सुदृढ़ नींव सुनिश्चित की गई है ।

15.     इस साल के बजट में सभी वर्गों का विशेष ख्याल रखा है, गरीब परिवारों के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना में पिछले साल 762 करोड़ और इस साल 800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है ।16. इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 900 किलोमीटर सड़कों ,24 बड़े पुलों के निर्माण के साथ ही राज्य के नक्सल प्रभावित बीजापुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में 47 स्टील ब्रिज के निर्माण के लिये 1 हजार 675 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

17.     सिंचाई परियोजनाओं को वास्तिविक लाभ किसानों तक पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए लघु एवं मध्यम सिंचाई की योजनाओं पर हमने विशेष ध्यान दिया है । जिसके फलस्वरुप 3 साल में ही वास्तविक सिंचाई क्षमता 2 लाख 68 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है । 3 हजार करोड़ से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है ।

18.राज्य के राजस्व में वाणिज्यिकर, खनिज, पंजीयन और विद्युत शुल्क के संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

19.युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य में छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन शुरू किया गया है। इसके तहत आने वाले पांच वर्षों में रोजगार के 12 से 15 लाख अवसरों के निर्माण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। मिशन की शुरूआत के लिए बजट में 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

20.राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ, उद्यानिकी, वृक्षारोपण तथा कोदो-कुटकी, रागी फसल लेने वाले किसानों को इनपुट सब्सिडी  दी जा रही हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इस योजना के तहत 6000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

21.राज्य के 48 लाख 60 हजार परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जल जीवन मिशन में 1000 करोड़ रूपए का बजट में प्रावधान किया गया है।

22.     ग्रामीण विकास के लिए पंचायतों को 1600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 

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