दिव्य-दूत

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छत्तीसगढ़ को 3 फरवरी मिलेंगी चार ऐतिहासिक सौगातें

Anil Choubey 02-02-2022 20:07:33


****** सांसद श्री राहुल गांधी ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ का करेंगे शुभारंभ गांधी ‘सेवाग्राम’ और ‘छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति’ की रखेंगे आधारशिला राजीव युवा मितान क्लब योजना का करेंगे शुभारंभ थीम आधारित विकास प्रदर्शनी 3 से 5 फरवरी तक होगी आयोजित ***

 रायपुर, 2 फरवरी 2022 ////  Chhattisgarh will get four historical gifts on February 3 ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ और ‘राजीव युवा मितान क्लब योजना’ का शुभारंभ करेंगे साथ ही महात्मा गांधी की स्मृतियों को संजोने के लिए नवा रायपुर में स्थापित किए जाने वाले ‘सेवाग्राम’ तथा ‘छत्तीसगढ़ अमर जवान ज्योति’ का भूमिपूजन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप देश में पहल…

देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ की पहचान बीते तीन सालों में ग्रामीणों और किसानों के साथ न्याय करने वाले राज्य के रूप में कायम हुई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य के ग्रामीणों, किसानों, मजदूरों के हितों की रक्षा और उन्हें सीधे-सीधे लाभ पहुंचाने के लिए मौजूदा कांग्रेस सरकार ने, जो फैसले लिए हैं। नीतियां और योजनाएं बनाई हैं। उसके चलते किसानों और ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया दौर शुरू हो गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते तीन सालों में अपनी ग्रामीण किसान हितैषी नीतियों के चलते ग्रामीणों किसानों को न सिर्फ सम्मान से जीने का अवसर उपलब्ध कराया है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई गति दी है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किसानों की कर्ज माफी, किसानों पर बकाया सिंचाई कर की माफी, कृषि भूमि के अधिग्रहण के मुआवजे को बढ़ाकर 4 गुना करने के साथ ही किसानों के हित में लिए गए अनेक फैसलों ने छत्तीसगढ़ को किसान कल्याण राज्य के रूप में देश का मॉडल बना दिया है।

यही वजह है, कि राज्य में कृषि रकबे और किसानों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही खेती-किसानी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से राज्य के लाखों किसानों को अब तक 10 हजार 176 करोड़ रूपए की सीधी मदद इनपुट सब्सिडी के रूप में दी जा चुकी है। इससे कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति में राज्य के किसानों और कृषि को आर्थिक संबल मिला है। मार्च 2022 में किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इस साल की चौथी किश्त के रूप में लगभग 1500 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में फसल उत्पादकता एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि 20 मई 2020 से शुरू इस योजना का दायरा अब और बढ़ा दिया गया है। इस योजना में खरीफ और उद्यानिकी की सभी प्रमुख फसलों के उत्पादक कृषकों को शामिल किया गया है। किसानों को इस योजना के तहत इनपुट सब्सिडी के रूप में हर साल चार किश्तों में प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए की राशि दी जाएगी। 

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से शुरू की गोधन न्याय योजना को देश-दुनिया ने सराहा है। यह आज सबसे लोकप्रिय योजना का रूप ले चुकी है। इस योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में अब तक 10,591 गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 7,933 गौठान निर्मित एवं संचालित है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में अब तक 61.07 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है और गोबर विक्रेताओं को 122 करोड़ 17 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोबर से वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन और उपयोग की राज्य में एक नई क्रांति शुरू हुई है, जिससे देश में आसन्न रासायनिक खाद संकट को हल करने में मदद मिलेगी। गौठान समितियों को अब तक 45.31 करोड़ रूपए तथा महिला स्व-सहायता समूहों को 29.46 करोड़ रूपए की राशि लाभांश के रूप में दी जा चुकी है।

 

गोधन न्याय योजना के तहत क्रय किए गए गोबर से महिला समूहों द्वारा 10 लाख 38 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 4 लाख 36 हजार क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा चुका है। जिसे सोसायटियों के माध्यम से शासन के विभिन्न विभागों एवं किसानों को रियायती दर पर प्रदाय किया जा रहा है। महिला समूहों द्वारा विविध आयमूलक गतिविधियां संचालित की जा रही है, जिससे महिला समूहों को अब तक 50 करोड़ 57 लाख रूपए की आय हो चुकी है।

राज्य में गौठानों से 11,463 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या लगभग 80 हजार है। गौठानों से जुड़ने और गोधन न्याय योजना से महिला समूहों में स्वावलंबन के प्रति एक नया आत्मविश्वास जगा है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है। गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए एमओयू हो चुका है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल पर गौठानों में दाल मिल एवं तेल मिल की स्थापना की जा रही है। प्रथम चरण में 188 गौठानों में दाल मिल तथा 148 गौठानों में तेल मिल की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य में 2201 गौठान आज की स्थिति में स्वावलंबी हो चुके हैं। गोधन न्याय योजना से लगभग 2 लाख ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 44.92 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से 93 हजार 977 भूमिहीन परिवार भी लाभान्वित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कर्ज माफी, सिंचाई कर की माफी, फसल बीमा, प्रोत्साहन राशि, गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी के माध्यम से किसानों को कुल मिलाकर अब तक लगभग 85 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि उनके खातों में सीधे अंतरित कर चुकी है। राज्य में लघुवनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी वनोपज संग्राहक परिवारों की आमदनी में भी इजाफा किया है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 2500 प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 हजार प्रति मानक बोरा करने के साथ ही अन्य लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि से संग्राहकों की आय बढ़ी है। राज्य में 7 प्रकार के लघु वनोपज के बजाय अब 61 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा रही है। संग्राहकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लघु वनोपज के वेल्यू एडिशन, प्रसंस्करण का भी काम शुरू कर दिया गया है। कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ देश का एकलौता राज्य है। राज्य के वनांचल इलाकों में कृषक कोदो, कुटकी और रागी की खेती करते हैं। मिलेट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की शुरूआत की गई है।

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