******वैज्ञानिकों का कहना है कि ये रहस्येमय वस्तु न्यूिट्रान स्टा र, सफेद तारे का अवशेष या फिर कोई पूरी तरह से अलग चीज भी हो सकती है. इस ऑब्जेक्ट से बड़ी मात्रा में एनर्जी भी निकल रही है. ऑस्ट्रेहलियाई वैज्ञानिक ने इसकी खोज की है.****
सिडनी: //// अंतरिक्ष में होने वाली हर हलचल पर नजर रखने वाले वैज्ञानिक इस वक्त हैरान हैं. उनकी हैरानी की वजह है वो शक्तिशाली रेडियो सिग्नल जो धरती से 4000 प्रकाशवर्ष की दूरी पर अंतरिक्ष में स्थित एक रहस्यरमय ऑब्जेवक्ट (Mysterious Space Object) से आ रहे हैं. वैज्ञानिकों को हर 20 मिनट में ऐसे सिग्नल मिल रहे हैं. उनका कहना है कि इस तरह के रेडियो सिग्नल (Radio Signal) इससे पहले न कभी देखे और न ही महसूस किए गए हैं. इसलिए सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है कि आखिर ऐसा किस वजह से हो रहा है.
डेली मेल’ की खबर के अनुसार, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह न्यूहट्रान स्टा1र (Neutron Star) या फिर एकसफेद तारे का अवशेष हो सकता है, जिसका चुंबकीय क्षेत्र बहुत ज्या दा शक्तिशाली है या फिर ये कोई पूरी तरह से अलग चीज भी हो सकती है. इस स्पेीस ऑब्जेतक्टा को सबसे पहले मार्च, 2018 में में देखा गया था. यह हर एक घंटे में तीन बार रेडियो सिग्न ल या एनर्जी छोड़ रहा है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब ये ऑब्जेक्ट रेडियो सिग्नहल छोड़ता है, उस समय यह धरती से आसानी से देखी जाने वाली सबसे चमकीली रेडियो तरंग बन जाता है. यह एक तरह के खगोलीय लाइट हाउस की तरह से दिखाई देता है. वैज्ञानिकों की जांच में यह भी सामने आया है कि ऑब्जेक्ट तरंगों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में ऊर्जा भी छोड़ रहा है. बता दें कि ऑस्ट्रेऑलियाई वैज्ञानिक डॉक्टछर नताशा हर्ले वाल्कसर के नेतृत्वे में शोधकर्ताओं के दल ने इस बेहद रहस्य्यम ऑब्जे क्टॉ की खोज की है.
नताशा की टीम ब्रह्मांड में मौजूद रेडियो तरंगों का नक्शा बना रही थी, इसी दौरान उन्हें इस रहस्य मय ऑब्जेडक्टर का पता चला. उन्होंने कहा, ’हमारी निगरानी के दौरान यह ऑब्जेरक्टख कभी सामने आता है और फिर गायब हो जाता है. यह पूरी तरह से अनपेक्षित है. ये पूरी घटना एक तरह से बेहद डरावनी है, क्योंकि अंतरिक्ष में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया’. डॉक्टेर नताशा ने बताया कि यह हमारी धरती से महज 4000 प्रकाशवर्ष दूर है. यह हमारी आकाशगंगा के ठीक पीछे है.
उन्होंेने कहा कि यह अल्ट्रा लांग पीरियड मैगनेटर' से मेल खाता है. किसी ने इसकी सीधे तौर पर खोज की अपेक्षा नहीं की थी क्योंटकि हमें इस बात का अनुमान नहीं था कि यह इतना ज्या दा चमकीला होगा. यह ऑब्जेक्टं बहुत प्रभावी तरीके से चुंबकीय ऊर्जा को रेडियो तरंगों में बदल रहा है, जो पहले किसी और ऑब्जेोक्ट में नहीं देखा गया था. यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है.




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