मुख्यमंत्री से एनएमडीसी के सीएमडी ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर, // मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज एनएमडीसी के चेयरमेन सह
मैनेजिंग डायरेक्टर श्री एन. बैजेंद्र कुमार ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर
प्रभारी मुख्य सचिव श्री सी. के. खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव
दिवेदी भी उपस्थित थे।
सौजन्य मुलाकात अकारण ही नहीं हुई है. लगातार छह दिनों से
बैलाडीला में किसी भी तरीके का ना तो खनन हुआ है, ना ही लोहा अयस्क का लदान हुआ है, इससे एनएमडीसी को अभी तक करीब 70 करोड़ का नुकसान हो गया है . लगातार
बढ़ते नुकसान से पीढित एनएमडीसी आदिवासियों के इस आंदोलन से निपटाने के लिए प्रबंध
निर्देशक बृजेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने रायपुर आए थे दोनों ही शीर्ष नेतृत्व के बीच
काफी देर तक चर्चा हुई प्रबंध निर्देशक बृजेंद्र कुमार ने अपनी तरफ से स्पष्टीकरण
छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया के सामने रखा वही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बृजेंद्र
कुमार को यह बतलाया कि उन्होंने बैलाडीला ब्लॉक नंबर 13 जो कि वर्तमान में छत्तीसगढ
मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास है. के उस अनुबंध पर रोक लगा दी है जिसके तहत
करीब ढाई लाख पेड़ों का कटना तय था ,साथ ही एनसीएल की मदद से अदानी की कंपनी
द्वारा खदान को विकसित करना और खनन करने के लिए किए गए एमओयू पर रोक लगा दी है
परंतु दिलचस्प मामला यह है की एनएमडीसी ने इस विवादित ब्लॉक 13 को 2010 में ही केंद्र सरकार को सौंप दिया
था एनएमडीसी को ना तो अदानी के खनन से कोई लेना देना है और ना ही छत्तीसगढ़
मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से एनएमडीसी का मामला अपने अधिपत्य में लिए गए ब्लॉकों के
खनन का है आयरन ओर का खनन जो पिछले 6 दिनों से
रुका है
जिसके कारण उसको भारी राजस्व की हानि हो रही है छत्तीसगढ़ शासन को भी राजस्व की
हानि हो रही है. उसे पुनः सुचारु रुप से शुरू करना है लेकिन आदिवासी नेता और एनएमडीसी के मजदूर नेता ने मिलकर इन खदानों में भी खनन करने पर रोक लगा दी है, जिसके कारण एसआर इंडिया लिमिटेड
और एनएमडीसी दोनों का काम पूरी तरीके से ठप है, अब देखने वाली बात यह है की उन आंदोलनकारी नेताओं से प्रशासन, शासन और राजनीतिक दलों के मुखिया
किस तरीके से मामले को शांत कराते हैं, यदि यह मामला और आगे गया और
प्रशासन ने सख्ती बरतने की कोशिश की तो आंदोलित आदिवासी अपने साथ परंपरागत
हथियार तीर धनुष और टंगिया से लैस होकर लड़ने की तैयारी करके
आए हें हालात आज भी जस के तस है |




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments