दिव्य-दूत

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नंदी पर्वत आन्दोलन से बेलाडीला में उत्पादन ढप

Anil Choubey 13-06-2019 22:00:02


मुख्यमंत्री से एनएमडीसी के सीएमडी ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, //  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज एनएमडीसी के चेयरमेन सह मैनेजिंग डायरेक्टर श्री एन. बैजेंद्र कुमार ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य सचिव श्री सी. के. खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव दिवेदी भी उपस्थित थे।

      सौजन्य मुलाकात अकारण ही नहीं हुई है. लगातार छह दिनों से बैलाडीला में किसी भी तरीके का ना तो खनन  हुआ है, ना ही  लोहा  अयस्क का  लदान हुआ है, इससे एनएमडीसी को अभी तक करीब  70 करोड़  का नुकसान हो गया है . लगातार बढ़ते नुकसान से पीढित एनएमडीसी  आदिवासियों के इस  आंदोलन से  निपटाने के लिए  प्रबंध निर्देशक बृजेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने रायपुर आए  थे दोनों ही शीर्ष नेतृत्व के बीच काफी देर तक चर्चा हुई प्रबंध निर्देशक बृजेंद्र कुमार ने अपनी तरफ से स्पष्टीकरण छत्तीसगढ़ शासन के मुखिया के सामने रखा वही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बृजेंद्र कुमार को यह बतलाया कि उन्होंने बैलाडीला ब्लॉक नंबर 13 जो कि वर्तमान में छत्तीसगढ मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास है. के उस अनुबंध पर रोक लगा दी है जिसके तहत करीब ढाई लाख  पेड़ों का कटना तय था ,साथ ही  एनसीएल की मदद से अदानी की कंपनी द्वारा खदान को विकसित  करना  और  खनन करने के लिए किए गए   एमओयू पर  रोक लगा दी है

         परंतु दिलचस्प मामला यह है की एनएमडीसी ने इस विवादित ब्लॉक 13  को 2010 में ही केंद्र सरकार को सौंप दिया था एनएमडीसी को ना तो अदानी के खनन से कोई  लेना देना है और ना ही छत्तीसगढ़ मिनिरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन  से  एनएमडीसी का मामला अपने अधिपत्य में लिए गए ब्लॉकों के   खनन  का है आयरन ओर का  खनन जो पिछले 6 दिनों से   रुका है जिसके कारण उसको भारी राजस्व की हानि हो रही है छत्तीसगढ़ शासन को भी राजस्व की हानि हो रही है. उसे पुनः सुचारु रुप से  शुरू  करना है लेकिन आदिवासी नेता  और एनएमडीसी के मजदूर नेता ने  मिलकर  इन खदानों में  भी खनन करने पर रोक लगा दी है, जिसके कारण एसआर इंडिया लिमिटेड और एनएमडीसी दोनों का काम पूरी तरीके से ठप है, अब देखने वाली बात यह है की उन  आंदोलनकारी नेताओं से प्रशासन, शासन और राजनीतिक दलों के मुखिया किस तरीके से मामले को शांत कराते हैं, यदि यह मामला और आगे गया और प्रशासन ने  सख्ती बरतने की कोशिश की तो आंदोलित आदिवासी अपने साथ परंपरागत हथियार तीर धनुष  और   टंगिया  से लैस होकर लड़ने की तैयारी करके आए हें   हालात आज भी जस के तस है | 

 स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद की जगह नगरनार में खुलेगा

             मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रयासों से बस्तर को दो सौगात मिलेगी। एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्ती की परीक्षा अब दंतेवाड़ा में ली जायेगी। इसी तरह नगरनार स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद के बजाय नगरनार में स्थापित किया जाएगा।

 उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कल शाम एनएमडीसी के चेयरमैन सह प्रबंध संचालक श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने मुलाकात की थी। इस अवसर पर बातचीत के दौरान ये महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री के सुझाव को चेयरमैन श्री एन.बैजेंद्र कुमार ने तत्काल स्वीकार किया। अब नगरनार स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद में नहीं बल्कि नगरनार में ही होगा।

इसी तरह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि एनएमडीसी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय युवाओ को अपनी कंपनी में मौका दे और भर्ती परीक्षा स्थानीय स्तर पर कराए, ताकि ज्यादा से ज्यादा बस्तर के युवा इसमें शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री के इस सलाह पर अमल करते हुए एनएमडीसी के चेयरमैन श्री एन. बैजेंद्र कुमार ने नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया भविष्य में दंतेवाड़ा में कराने के निर्देश दिए है।

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