दिव्य-दूत

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नदियों का तट हुआ हराभरा 28 नदियों के तट पर लगाए गए 11 लाख पौधे

Anil Choubey 21-01-2022 16:50:50


हरीतिमा से आच्छादित और फल-फूल के पौधों से सुरभित होंगे नदी तट

रायपुर, 21 जनवरी 2022////  छत्तीसगढ़ में गत वर्षा ऋतु के दौरान ‘नदी तट वृक्षारोपण’ कार्यक्रम के तहत 28 विभिन्न नदियों के तट पर लगभग 11 लाख पौधों का रोपण किया गया है। इसके रोपण से नदी तट के 978.785 हेक्टेयर रकबा हरीतिमा से आच्छादित और फल-फूल के पौधों से सुरभित होंगे, जो विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा नदी तट रोपण का कार्य किया गया। इनका रोपण कैम्पा, मनरेगा तथा जिला खनिज न्यास निधि सहित नदी तट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत किया गया है। नदी तट रोपण कार्यक्रम के तहत गत वर्ष के दौरान शामिल नदियों में इन्द्रावती नदी, शबरी नदी, चक्का बुक्का नदी, महानदी, पैरी नदी, केलो नदी, ईब नदी, जोंक नदी, हसदेव नदी, तान्दुला नदी, नारंगी नदी, भंवरडीह नदी, अटेम नदी, रेड़ नदी, सेमरखाड़ नदी, भूपका नदी तथा महान नदी शामिल है। इसके अलावा सेन्दुर नदी, बरन नदी, मोरन नदी, सूर्या नदी, कन्हर नदी, भैसुन नदी, पथेल नदी, उभय नदी, बनास नदी, ओदारी नदी तथा दूध नदी के तट पर वृक्षारोपण का कार्य शामिल हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इनमें से इन्द्रावती नदी के तट पर 20 हेक्टेयर रकबा में 22 हजार पौधों, शबरी नदी तट के 5 हेक्टेयर रकबा में 5 हजार 500 पौधों, चक्का-बुक्का नदी तट के 5 हेक्टेयर रकबा में साढे पांच हजार पौधों तथा महानदी तट के 52 हेक्टेयर रकबा में 57 हजार 200 पौधों का रोपण हुआ है। इसी तरह पैरी नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, केलो नदी तट के 1.88 हेक्टेयर रकबा में 780 पौधों, ईब नदी तट के एक हेक्टेयर रकबा में 200 पौधों, जोंक नदी तट के 40 हेक्टेयर रकबा में 44 हजार पौधों तथा हसदेव नदी तट के 42 हेक्टेयर रकबा में 46 हजार 200 पौधों का रोपण किया गया है।

तान्दुला नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, नारंगी नदी तट के 44 हेक्टेयर रकबा में 48 हजार 671 पौधों, भंवरडीह नदी तट के 27 हेक्टेयर रकबा में 29 हजार पौधों, अटेम नदी तट के 20 हेक्टेयर रकबा में 22 हजार पौधों तथा रेड़ नदी तट के 150 हेक्टेयर रकबा में एक लाख 65 हजार पौधों का रोपण हुआ है। सेमरखाड़ नदी के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों, भूपका नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों, महान नदी तट के 70 हेक्टेयर रकबा में 77 हजार पौधों तथा सेन्दुर नदी तट के 135 हेक्टेयर रकबा में एक लाख 49 हजार पौधों का रोपण किया गया है।

इसके अलावा बरन नदी तट के 35 हेक्टेयर रकबा में 38 हजार 500 पौधों, मोरन नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों तथा सूर्या नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों का रोपण हुआ है। इसी तरह कन्हर नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों, भैसुन नदी तट के 30 हेक्टेयर रकबा में 33 हजार पौधों, पथेल नदी तट के 10 हेक्टेयर रकबा में 11 हजार पौधों, उभय नदी तट के 10 हेक्टेयर में 11 हजार पौधों, बनास नदी तट के 70 हेक्टेयर रकबा में 77 हजार पौधों, ओदारी नदी तट के 25 हेक्टेयर रकबा में 27 हजार 500 पौधों तथा दूध नदी तट के एक हेक्टेयर रकबा में 830 पौधों का रो

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