बिजली से हाथियों के मरने पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर केंद्र और 17 राज्य सरकारों को भेजा नोटिस मांगा जवाब
******जनहित याचिका पर सुनवाई: बिजली से हाथियों के मरने पर सुप्रीम कोर्ट गंभीर ने मांगा जवाब, केंद्र और 17 राज्य सरकारों को नोटिस
याचिका के मुताबिक, मंत्रालय की ओर से संसद के समक्ष पेश आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 और 2018-19 के बीच 510 में से 333 हाथी बिजली के झटके लगने के कारण मरे।देश में बिजली के झटकों से हाथियों के मरने की समस्या के संबंध में तत्काल हस्तक्षेप की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और 17 राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रेरणा सिंह बिंद्रा व अन्य की याचिका में कहा गया है कि वे इस हकीकत को प्रकाश में लाना चाहते हैं कि हाथियों के अप्राकृतिक रूप से मरने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। इनका कारण जानबूझकर अथवा अचानक लगने वाले बिजली के झटके हैं। इस समस्या की भयावहता पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा गठित विशेषज्ञ निकाय भी मान रहे हैं। ***
सूरजपुर।//// जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र क्षेत्र के ग्राम दरहोरा में करंट की चपेट में आने से एक हथिनी की मौत हो गई। हथिनी के शरीर में कई जगह करंट से जलने के निशान पाए गए हैं। वहीं पास ही बिजली के तार जमीन पर पड़े हुए मिले।
बिजली विभाग की लापरवाही, वन विभाग जारी करेगा नोटिस
आज सुबह ग्रामीणों ने हाथी का शव देखकर वन अमले को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचेवन अधिकारी और कर्मचारी पड़ताल में जुट गए। यहां घटनास्थल के समीप ही 11के व्ही विद्युत तार जमीन से चार-पांच फिट ऊपर से गया हुआ है। जिले के प्रभारी वन मंडलाधिकारी बी एस भगत ने बताया कि शव को देखकर प्रथम दृष्टया करंट लगने से मौत होना प्रतीत हो रहा है। इससे शरीर में करंट से जलने के निशान भी पाए गए हैं। बिजली विभाग को इस लापरवाही के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।गौरतलब है कि दरहोरा गांव व उसके आस पास में जगह-जगह पर बिजली के तार जमीन से कम ऊँचाई पर झूले हुए हैं, जिन्हे अब तक दुरुस्त नहीं किया गया है, और आज इसकी वजह से एक हथिनी को अपनी जान गंवानी पड़ी।

छत्तीसगढ़ में अब तक करेंट की चपेट में आने से अनेक हाथी मारे जा चुके हैं। इनमे अधिकांश घटनाएं ग्रामीणों द्वारा जंगली जानवरों और हाथियों से अपनी फसल को बचाने के लिए लगाए गए करेंट के चलते हुई हैं। इस तरह के मामलों में वन विभाग द्वारा अनेक ग्रामीणों को पकड़ा जा चुका है। हालांकि इस बार बिजली के तारों के काफी कम ऊंचाई पर होने के चलते यह घटना घटी है। इस मामले में लापरवाही के लिए दोषी अधिकारी-कर्मचारी की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।




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