रायपुर /// मुख्यमंत्री श्री भूपेश
बघेल ने कहा है कि विकास के मायने केवल सड़क, बिल्डिंग और निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि इसके असली
मायने नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी आवश्यक सुविधाएं देना है। उन्होंने नक्सल
उन्मूलन के संदर्भ में कहा कि हमें सबसे पहले उस क्षेत्र के नागरिकों का विश्वास
जीतना होगा। उन्हें लगना चाहिए कि वे सुरक्षा व्यवस्था के साये में महफूज एवं
सुरक्षित हैं।
श्री बघेल ने अपने ये उद्गार आज ‘इंटेलेक्चुअल मीट
आॅन चेंजिंग छत्तीसगढ़-न्यू लीडरशिप, न्यू विजन’ विषय पर आयोजित
सम्मेलन में व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में मैंने बस्तर संभाग के
विभिन्न जिलों के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां के नागरिकों, ग्रामीणों, वनांचल के
रहवासियों, नक्सलवाद से प्रभावित एवं पीड़ित लोगों, पत्रकारों, व्यापारियों, राजनीतिज्ञों और समाज
के विभिन्न वर्ग के लोगों से रुबरु होकर बातचीत की है। वनांचल का आदिवासी प्रकृति
के स्वतंत्र वातावरण में स्वच्छंद रुप से अपनी सीमित आवश्यकता के साथ तथा अपने गीत, संगीत और नृत्य के
साथ अपना सरल जीवन जीता है, लेकिन वह भी आज देश और दुनिया के साथ गति मिलाते हुए आगे बढ़ना चाह
रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब
4000 करोड़ रुपए की जिला खनिज न्यास राशि कांक्रीट और निर्माण कार्यों
में लगा दी गईं। इस राशि का उपयोग खनिज प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों के जीवन
स्तर में सुधार करने, कुपोषण कम करने,
स्वास्थ्य, डाॅक्टरों की
व्यवस्था आदि की व्यवस्था में होना चाहिए था।
सुरक्षा पर समाज में चर्चा किया जाना
जरुरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में
पानी के संरक्षण और संवर्धन का भी आदर्श मॉडल तैयार किया जा रहा है । राज्य को 18 वर्ष पूर्व इसरो से
छत्तीसगढ़ के भूगर्भ का इमेज मिला था, लेकिन हम उसका उपयोग नहीं कर पाए। अब
छत्तीसगढ़ के व्यापक नालों में पानी रिचार्जिंग करने की शुरुआत की जा रही है।
कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय मंत्री
श्रीमती रेणुका चैधरी ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा ग्रामीण
क्षेत्रों के साथ-साथ यहां के जल संसाधन, पशु संसाधन और रोजगार को बढ़ाने की
भूरि-भूरि तारीफ की और कहा कि श्री बघेल के नेतृ्त्व में राज्य का सही दिशा में
विकास होगा ।
जंगल वारफेयर काॅलेज कांकेर के
ब्रिगेडियर श्री व्ही के पोनवार ने बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा
बलों द्वारा सुरक्षा के किए गए उपायों, नक्सलियों का मुकाबला करने की रणनीति, क्षेत्र के विकास और आदिवासियों के
लिए किए गए कल्याणकारी कार्यों पर प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने बताया कि पहले की
तुलना में बारुदी सुरंगों के विस्फोट में 80 प्रतिशत की कमी आयी है।
इस अवसर पर नगरीय विकास मंत्री डाॅ.
शिव डहरिया, वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश नैयर, सेवा निवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी डाॅ.
सुशील त्रिवेदी सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में
पायोनियर समाचार पत्र के रायपुर संस्करण के संपादक श्री सुजीत कुमार ने स्वागत
किया और कार्यक्रम के उददेश्यों को बताया।




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