आचार्य चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति साफ-सफाई नहीं रखता और गंदे कपड़े पहनता है, उस पर भी मां लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होती।
हर मनुष्य का सपना होता है कि जीवन में उसे अपार धन-संपत्ति मिले। उसे अपनी जिंदगी में कभी भी धन की कमी ना हो और वह वैभव और विलासिता से अपना जीवन व्यतीत कर सके। कुछ लोग अपनी जिंदगी में सभी सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। हालांकि आचार्य चाणक्य की मानें तो मां लक्ष्मी किसी के पास ठहर नहीं पाती। कौटिल्य के नाम से मशहूर आचार्य चाणक्य ने एक नीति शास्त्र की रचना की थी, जिसमें उन्होंने समाज को सही जीवन जीने की सलाह दी है।
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आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में धन, स्त्री, दांपत्य जीवन समेत लगभग हर विषय को लेकर कोई-न-कोई सलाह और सुझाव दिया है। कौटिल्य के नाम से प्रसिद्ध चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे पांच लोगों का जिक्र किया है, जिनके पास कभी मां लक्ष्मी ठहर नहीं पातीं।
कड़वा बोलने वाले: आचार्य चाणक्य के अनुसार कड़वा बोलने वालों के पास कभी भी धन ठहरता नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में धन की देवी मां लक्ष्मी को चंचल कहा गया है। यानी की मां लक्ष्मी बेहद ही चंचल स्वभाव की होती हैं, वह एक जगह पर टिक नहीं पातीं। ऐसे में जो लोग कड़वा बोलते हैं, उन पर माता लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होतीं।अधिक भोजन करने वाला: जो लोग जरूरत से ज्यादा खाते हैं और दूसरों के हक की चीजें भी खा जाते हैं, उनके पास भी हमेशा धन का अभाव होता है।
गंदे कपड़े पहनने वाला: जो व्यक्ति साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता और गंदे कपड़े पहनता है, उस पर भी मां लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होती।
आलसी: चाणक्य जी मानते हैं कि आलसी लोग कभी भी धनवान नहीं बन सकते। क्योंकि ऐसे लोग अपने आलस्य के कारण किसी भी काम को सही समय पर पूरा नहीं कर पाते। हालांकि बाद में इन लोगों को अपने जीवन में काफी पछतावा भी होता है।
अनियमित दिनचर्या वाले: चाणक्य जी के अनुसार सो लोग सूर्योदय के बाद तक सोते रहते हैं, उन पर मां लक्ष्मी कभी प्रसन्न नहीं होतीं। ऐसे लोगों के पास कभी भी धन की देवी ठहर नहीं पाती।




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