रायपुर /// सुधर जाओ नहीं तो सुधार दिए जाओगे की आक्रमणता वाली शैली में की गई पुलिस समीक्षा के 2 दिन बाद ही परिणाम सामने आने लगे है ,लगता है पुलिस नहीं सुधर रही थी इसलिए सुधार कार्य शुरू हो गया है .यह पहली बार है हुआ जब ऊपर से सुधार कार्य शुरू हुआ है .अब देखने वाली बात यह है कि यह सुधार कार्य कहां तक जा कर सुधर लाता है और पुलिस कितनी सुधरती है दरसल पुलिस की छवि आदिकाल से खराब है कारण कानून व्यवस्था लचर है कानूनी प्रक्रिया लचर ,
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सबसे अधिक राजनीतिक दवाव अगर कोई झेलता है तो पुलिस झेलती है यह सभी जानते हैं इन कठिन परिस्थितियों में अपराध को नियंत्रण करना अपने आप में एक चुनौती है उस चुनौती में कुछ किस्मत वाले अधिकारी होते हैं जो सफल होकर निकल जाते हैं कुछ उसी में उलझ जाते हैं
पिछले कई दिनों से छत्तीसगढ़ में अपराधों का और अपराधियों का हौसला इतना बुलंद था कि खुलेआम का चाकूबाजी .चाइनीस कैचिंग. धमकी पैसा वसूली हो रही थी और इन 4 सालों में सबसे अधिक नशे के कारोबार ने बेतहाशा तरक्की की नशा अगर फल फूल रहा है कि सीधी उंगली पुलिस पर ही उठाई जा सकती है क्योंकि नशा एक अपराध है और अगर वह अपराध हो रहा है तो इसमें पुलिस की अकर्मण्यता के अलावा और कुछ नहीं
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी को मुख्यमंत्री की नाराजगी भारी पड़ी। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दो दिन बाद अवस्थी को पद से हटा दिया गया है। अब अवस्थी से तीन साल जूनियर अशोक जुनेजा छत्तीसगढ़ पुलिस के नए मुखिया होंगे। गृह विभाग ने गुरुवार को यह आदेश जारी कर दिया।
1989 बैच के IPS अशोक जुनेजा अभी एंटी नक्सल ऑपरेशन के महानिदेशक, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और एसटीएफ के प्रमुख हैं। गृह विभाग से जारी आदेश के मुताबिक जुनेजा को अभी पुलिस महानिदेशक का चालू प्रभार दिया गया है। बताया जा रहा है, इसके लिए केंद्र सरकार से औपचारिक अनुमति की जरूरत होती है। जल्दी ही प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पूर्णकालिक नियुक्ति दी जाएगी। अभी तक DGP की जिम्मेदारी संभाल रहे 1986 बैच के डीएम अवस्थी अब राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक की जिम्मेदारी संभालेंगे।

मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पुलिस के कामकाज की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भरी बैठक में कह दिया, मुझे अब आप लोगों से कोई अपेक्षा नहीं बची है। बार-बार कहने के बावजूद पुलिसिंग में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, उनके सब्र की परीक्षा मत लीजिए। सुधर जाइये नहीं तो मुझे सुधारना आता है।
इस बात पर नाराज थे सीएम
बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नाराजगी चार वजहों से अधिक थी। इसमें सड़कों पर हो रही चाकूबाजी, जुआ-सट्टा का अवैध कारोबार, चिटफंड पर कार्रवाई में ढिलाई और ओडिशा से गांजा तस्करी रोक पाने में पुलिस की नाकामी है।
सरकार बदलते ही DGP बने थे अवस्थी
भारतीय पुलिस सेवा 1986 बैच के अधिकारी डीएम अवस्थी छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार की विदाई के साथ ही DGP बनाए गए थे। 17 दिसम्बर 2018 को मुख्यमंत्री ने पद की शपथ लेकर सरकार बनाई। 19 दिसम्बर 2018 को 1985 बैच के एएन उपाध्याय को पद से हटाकर पुलिस हाउसिंग बोर्ड कॉर्पोरेशन भेज दिया गया। अब कहा जा रहा है, सरकार ने डीएम अवस्थी से जो अपेक्षाएं पाली थीं, वे ढाई-तीन सालों में पूरी नहीं हुईं। आपराधिक घटनाओं ने सरकार की किरकिरी कराई।




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