नई दिल्ली //// अफगानिस्तान संकट को लेकर सुरक्षा की बात करने के लिए भारत ने 10 नवंबर को एक बैठक आयोजित की है जिसमें मध्य एशिया के सभी देशों के एनएसए (नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर) इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के एनएसए अजित डोभाल करेंगे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 'एनएसए'स्तर की पहले दो बैठके ईरान में आयोजित हुई थी। तीसरी बैठक भी होनी थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण उन्हें स्थगिता करना पड़ा था।
भारत में होने वाली आयोजित बैठक में भाग लेने के लिए कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस बैठक में रूस, ईरान, चीन अन्य कई देश हिस्सा लेने वाले है। यह पहला मौका है जब मध्य एशिया के कई देश भारत में इस स्तर की बैठक में हिस्सा ले रहे है। इस बैठक में भारत का लक्ष्य अफगानिस्तान में शांति लाना और यह इस बात पर जोर देना है कि वहां आतंकवाद न बड़े, क्योंकि अफगानिस्तान में आतंकवाद बढ़ने से कई मध्य एशिया के कई देशों की सुरक्षा पर खतरा हो सकता है।
भारत में आयोजित 'एनएसए' स्तर की बैठक में पाकिस्तान ने आने से मना कर दिया है। इस बात की जानकारी पाकिस्तान के 'एनएसए' मोईद यूसुफ ने दी। उन्होंने बयान दिया है कि पाकिस्तान, भारत में आयोजित किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। आपको बतादें कि, पाकिस्तान हमेशा तालिबान का कट्टर समर्थन करता आया है इसलिए वह अफगानिस्तान के मुद्दे पर किसी भी तरह की बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा।




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