
बिलासपुर /// कोयले की कमी से जूझ रहे देश को राहत दिलाने के लिए कोयला मंत्री खदान, खदान घूम रहे हैं इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ के एसईसीएल की खदान का निरीक्षण करने के बाद व झारखंड की ओर चले गए हैं छत्तीसगढ़ से जाते वक्त कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने बड़े ही कॉन्फिडेंस के साथ कहा है कि हम कोयले को लेकर किसी तरीके का संकट नहीं आने देंगे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी ताप विद्युत केंद्र को कोयले के कारण बिजली उत्पादन में दिक्कत ना आए हम किसी भी विद्युत उत्पादन केंद्र को बंद नहीं होने देंगे .उन्होंने आंकड़े भी दिए कहां की मांग के अनुसार हमने 1 लाख 8 हजारटन कोयले की आपूर्ति का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है और हम उसे जल्द ही 2 लाख टन प्रति दिन के उत्पादन क्षमता पर ले जाएंगे विमानतल पर भा ज पा के कार्यकर्ताओं के अलावा एसईसीएल के सीएमडी एपी पंडा ने स्वागत किया जोशी के साथ कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल जी थे
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एयरपोर्ट से सीधे प्रहलाद जोशी कुसमुंडा खदान गए वहां पर उन्होंने मोदी जी के चित परिचित अंदाज में कहीं ऑपरेटर से तो कहीं खदान में करने वाले कामगारों से बातचीत कर यह जानना चाहा कि उत्पादन में क्या कमी है क्यों नहीं लक्ष्य की प्राप्ति हो रही है इस तरह की जानकारी लेते देख एसईसीएल के तमाम अधिकारी आश्चर्यचकित थे वही सीएमडी पंडा नजरें झुकाए हुए खड़े थे कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अरवाल उन्हें लगातार हिंदी अंग्रेजी में खरी खोटी सुना रहे थे प्रमोद अग्रवाल का एसईसीएल के सीएमडी पंडा पर नाराज होना इसलिए भी लाजमी था कि पिछले 2 वर्षों से एसईसीएल के गिरते उत्पादन ग्राफ को लेकर चिंतित प्रमोद अग्रवाल कई बार बिलासपुर आए और उत्पादन को लेकर सीएमडी पंडा को चेतावनी भी दी पांडा द्वारा उत्पादन को बढ़ाए जाने के लिए किए गए उपकरणों की आपूर्ति भी की उसके बावजूद भी उत्पादन कभी अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाया को लेकर कोल इंडिया चेयरमैन काफी नाराज दिखाई दिए

प्रहलाद जोशी के उस बयान पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए कहा है कि यदि कोयले की कमी नहीं है तो कोयला मंत्री खदान खदान क्यों घूम रहे हैं ऐसे वक्त पर जब पूरे देश में राज्य के पावर प्लांट आधे से कम बिजली का उत्पादन कर रहे हैं बिजली कटौती जनता के सामने प्रत्यक्ष प्रमाण है ऐसे में कोयला मंत्री और उनकी सरकार झूठ बोल रही है कि कोयले की कमी नहीं है वास्तव में कोयले की कमी है जिसे दूर करने के लिए सुस्त मोदी सरकार अब तेजी से काम करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों पर डांट फटकार की नीति अपना रही है भूपेश बघेल ने इशारों ही इशारों में यह भी कहा है कि विदेशी कोयले की बढ़ी हुई कीमतों के कारण अभी फिलहाल कोयले का आयात भारत में नहीं हो रहा है. कोयले का आयात करने वाले देश के सबसे बड़े समूह अदानी है,हो सकता है कि कोयले की शॉर्टेज दिखाकर अडानी को आयात करने की अनुमति मिल जाए, अडानी भी इस बात की राह देख रहे हैं कि यदि कोयला आयात करने का कोई फरमान सरकार जारी करती है तो वह अपनी कीमत पर ही कोयला भारत में आयात करेंगे जिससे उनको अरबों रुपए का फायदा एक बार में भी होने की उम्मीद है कुल मिलाकर कोल इंडिया अपने उत्पादन अनुपात से काफी नीचे चल रही है के कारण है संकट उत्पन्न हुआ है और वह तरह-तरह के बहाने बहाने बना रही है कहीं करोना कॉल को तो कहीं वर्षा तो कहीं भूमि विस्थापन को लेकर लेकर सरकार को गुमराह कर रही है इसलिए यह पहली बार हुआ है कि जब शॉर्टेज के समय कोल इंडिया के चेयरमैन और मंत्री एक साथ खदान खदान घूम रहे हैं




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