कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल उत्पादन बढ़ाने की चेतावनी भी जब काम नहीं आए तो खुद मंत्री जी को छत्तीसगढ़ की खदानों का विजिट करना पड़ रहा है
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अंबिका प्रसाद पंडा सीएमडी एसईसीएल को वित्तीय प्रबंधन का अनुभव उत्पादन का नहीं
अंबिका प्रसाद पांडा (51 वर्ष) ने 01.07.2018 को कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण किया और निदेशक (वित्त), एसईसीएल के अपने मौजूदा प्रभार के अतिरिक्त प्रभार के रूप में बाद में सीएमडी, एसईसीएल का प्रभार ग्रहण किया। 28.12.2018 को स्थायी रूप से। श्री ए. पी. पांडा भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के फेलो सदस्य हैं और व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर हैं। वह एक उत्सुक व्यापार विश्लेषक और एक प्रतिबद्ध प्रबंधन पेशेवर हैं।
रायपुर /// आज पूरा देश कोयला संकट से के दौर से गुजर रहा है ऐसे में कोल इंडिया की जो उत्पादक कंपनियां है उन में कोयले का उत्पादन सुनिश्चित नहीं होने के कारण आज यह स्थिति निर्मित हुई है इस संकट के दौर में सबसे शर्मनाक वे प्रदेश भी आते हैं जहां पर कोल इंडिया की सबसे अधिक खदानें हैं और जिनको लेकर बड़े-बड़े वादे किए गए हैं कि हमने कोयला खनन के विकास में हजारों करोड़ों रुपए खर्च करके कोयला उत्पादन बढ़ाने के पूरी तैयारी निरंतर प्रगति की ओर है लेकिन आज जब पूरे देश में कोयले संकट आया है तो इनके द्वारा की गई तैयारियों की पोल खुल चुकी है कोयले को लेकर अब यह कंपनियां तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं सीसीएल के एमडी कह रहे हैं कि अधिक वर्षा होने के कारण कोयले का उत्पादन कम हुआ है
सबसे खास परिस्थिति एसईसीएल की है इनके एमडी ए पी पंडा जबसे सीएमडी की कुर्सी पर बैठे हैं एसईसीएल ने कभी भी रिकॉर्ड क्षमता का उत्पादन नहीं किया है तमाम उत्पादन के पुराने प्रतिवर्ष के आंकड़े देखे जाएं तो पंडा की देखरेख में एसईसीएल में उत्पादन के निर्धारित रिकार्डों को कभी नहीं छुआ है तरह-तरह के बहाने बनाकर पंडा जी अब तक बचते आ रहे हैं लेकिन इन बहनों की पोल अब खुल चुकी है

एपी पंडा को खनन का कोई अनुभव नहीं है वह वित्त विभाग मैं शुरू से काम करते-करते रहे हैं उन्हें वित्तीय प्रबंधन का अनुभव है वित्त विभाग के डायरेक्टर बने और अब एसईसीएल के सीएम है उनको उत्पादन और खनन का कोई अनुभव ना होने के कारण आज एसईसीएल के उत्पादन क्षमता लगातार दो हजार अट्ठारह से कम होते होते इस स्थिति में पहुंच गई है कि वह अब छत्तीसगढ़ के पावर प्रोजेक्ट को भी कोयला सप्लाई नहीं कर पा रही है
कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल उत्पादन बढ़ाने को लेकर कई बार एपी पंडित जी को चेतावनी दे चुके हैं लेकिन उसके बावजूद भी कभी पंडित जी के कोयले का उत्पादनअपने निश्चित रिकॉर्ड पर नहीं पंहुचा है ,पांडा जी की खदानों उत्पादन का ग्राफ हमेसा कम ही रहा है यह उनकी अकर्मण्यता का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के लोहा उत्पादन विद्युत उत्पादन संयंत्र कोयले की कमी से त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं
सूत्रों के अनुसार आज कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी जी बिलासपुर आने वाले हैं वह भी पता करेंगे कि उत्पादन क्यों नहीं बढ़ पा रहा है उत्पादन ना बढ़ने के पीछे एसईसीएल के चेयरमैन सिर्फ अपने साथ चाटुकार लोगों को इकट्ठा करके दिन भर कोई काम नहीं करते ऐसा लोग बोलते हैं फाइलें पड़ी रहती हैं कोई निर्णय होता नहीं है किसी से यह पूछते ही नहीं है कि आप की खदान में उत्पादन कम क्यों हुआ क्योंकि उनको कोई उत्पादन करने का आईडिया ही नहीं है कि खनन की प्रक्रिया कैसे की जाती है इसलिए वह ना तो पूछते हैं और ना ही उत्पादन के लिए किसी पर जोर देते




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