वीडियो सौजन्य IBC24
अंबिकापुर /// छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा बनाई जाने वाली अंबिकापुर की रिंग रोड जिसकी कुल लंबाई 10 किलोमीटर है ,उसको 100 करोड़ रुपए में बनाया गया है इस 10 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर शुरू से शंका , आशंका और भ्रष्टाचार के बादल घिरे हुए थे इस भ्रष्टाचार की सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए डी के सोनी अधिवक्ता ने आरटीआई के तहत 5000 पेज के दस्तावेजों को प्राप्त कर यह आरोप लगाया है कि मेसर्स किशन एंड कंपनी को टेंडर की स्वकृत राशी से ज्यादा का भुगतान किया गया है ,साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि काम की गुणवत्ता भी घटिया है निविदा में दिए गए निर्देशों के अनुसार रिंग रोड नहीं बनाई गई है जिसकी शिकायत थाना अंबिकापुर ,पुलिस अधीक्षक सरगुजा ,छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग मंत्रालय रायपुर, छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन रायपुर को लिखित रूप में दी गई है. लेकिन अभी तक किसी तरीके की कोई कार्यवाही नहीं होने से क्षुब्ध होकर अधिवक्ता डी के सोनी ने न्यायालय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंबिकापुर की अदालत में परिवाद दायर कर दिया हे जिसकी अगली पेशी 12 अक्तूबर को है छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन ने 2017 में टेंडर जारी कर 1 साल की अवधि में सड़क के निर्माण टेंडर निकाला था ठेकेदार कंपनी किशन एंड कंपनी ने इस पूरे कांटेक्ट को सूरजपुर जिले के ठेकेदार शंकर अग्रवाल की कंपनी जगदंबा कंस्ट्रक्शन को पेटी कांट्रेक्ट में दे दिया यह भी शर्तों का उल्लंघन है शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मेसर्स किशन एंड कंपनी को सी सी रोड बनाने का कोई भी अनुभव नहीं था उनका जो अनुभव वह डामरीकरण रोड बनाने का था लेकिन राजनीतिक दबाव और पैसों की लालच है बीजेपी का अंबिकापुर ड्रीम प्रोजेक्ट घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया

.jpg)
इस पूरे रिंग रोड के निर्माण में बहुत ही दिलचस्प कहानियां जुड़ी हुई है तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूरत और स्थानीय नेता अनुराग सिंह देव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का भूमि पूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बड़ी ही धूमधाम के साथ बहोरी पारा में किया था उस वक्त यह कार्यक्रम इतना बड़ा और भव्य किया गयाथा कि इसको लेकर भी तरह-तरह के कयास और चर्चाएं होती रही लोगों का मानना है कि एक छोटे से रिंग रोड के भूमि पूजन में सरकार ने दो करोड़ से ज्यादा का खर्चा किया था इस खर्च में मुख्य ठेकेदार ,सरकार और बहुत से छुट भैया ठेकेदार नेताओं का पैसा लगा था जिनको भविष्य में ठेके की राशि में हिस्सेदारी तय थी उस वक्त भी है भव्य उद्घाटन बहुत चर्चा में था टी एस सिंह देव ने उस वक्त भी कहा था कि इस रिंग रोड की डिजाइन ड्राइंग और जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वह रोड बनाने में सक्षम नहीं है लेकिन भ्रष्टाचार के शिखर पर बैठी भाजपा के नेताओं ने मंत्रियों और अधिकारियों ने इसे अनदेखा कर किशन एंड कंपनी को काम दे दिया जो उस वक्त भा जा पा की गोद में बैठी हुई थी और अधिकारियों को अपनी उंगली पर नचा रही थी छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल रॉय होते थे जो वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर एमडी बनाए गए थे जग जाहिर है भाजपा सरकार के रहमों करम पर ही एमडी बनाए गए हें वह तो खामियों को उजागर कर ही नहीं सकते थे उनका नाम भी अदालत में दर्ज किया गया है उस वक्त अधिकारी की हिम्मत नहीं होती थी की खामियों को उजागर किया जाए सारी खामियां भ्रष्टाचार की लंबी चादर के नीचे दब गई

लेकिन ऐसा नहीं हुआ वक्त रहते हुए अधिवक्ता डीके सोनी ने 11 लोगों को इसमें प्रतिवादी बनाया है जिसमें अनिल जॉय प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन जिए सोलंकी महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन परियोजना प्रबंधक सचिन शर्मा सहायक प्रबंधक वेद नितेश भट्ट अधिकारी सुश्री रशिम उप परियोजना प्रबंधक अभिषेक विश्वकर्मा सहायक परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार पांडे लीडर मैच एलएन मालवीय पूजा सुशील अग्रवाल प्रोपराइटर मेसर्स किशन एंड कंपनी राहुल सोनी आरसीटी दिल्ली शंकर अग्रवाल प्रोपराइटर जगदंबा कंस्ट्रक्शन सूरजपुर के ऊपर भ्रष्टाचार अंबिकापुर में बने रिंग रोड में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदार की ठेकेदार तथा कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों के विरुद्ध शासकीय राशि का गबन करने एवं संयुक्त रूप से साजिश करने का शासकीय राशि आराम करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के संबंध में थाना अंबिकापुर को अपराध अंतर्गत धारा 409 ,420 ,467, 468 ,471 भारतीय दंड विधान के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया जाए




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments