नरेन्द्र कुमार वर्मा
दिल्ली //// योगी आदित्यनाथ साढे चार वर्षों के कार्यकाल में आत्मविश्वास से लबरेज है। प्रशासन और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ है। अपने साढे चार वर्षों के कामकाज का लेखा जोखा पेश करते हुए उन्होंने विपक्ष पर जमकर प्रहार किए और अपनी सरकार की उपलब्धियों को एतिहासिक बताया। योगी के कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता हैं कि आलाकमान के चाहने पर भी उन्होंने चुनाव से ठीक पहले अपने मंत्रीमंड़ल के विस्तार से साफ मना कर दिया और दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें काम करने दिया जाए। वास्तव में आज प्रदेश भाजपा संगठन में योगी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता है और प्रशासन में अगर कहीं भी कोई हिला-हवाली दिखाई देती है तो उसे रातोरात ठीक कर दिया जाता है। प्रदेश में माफियाओं और राजनीतिक दलों के गठबंधन को योगी सरकार ने पूरी तरह से नष्ट कर डाला इतना ही नहीं उन्होंने भाजपा के उन नेताओं को भी दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जिन्होंने पांच वर्षों में अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता का दिल नहीं जिता वह दोबारा टिकट की उम्मीद न करें। योगी आदित्य नाथ जिस तरह के उत्तर प्रदेश जैसे भारी-भरकम प्रदेश की सत्ता को चला रहे है उससे उनके प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव की नई बयार दिखाई देती है। आदित्यनाथ ने अपने विकास कार्यों का लेखाजोखा जनता के समक्ष पेश करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लिए कुछ नहीं किया बल्कि प्रदेश की जनता के लिए दिनरात काम किया। पूर्व मुख्यमंत्रियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों ने अपने रहने के लिए महल खड़े किए जबकि उनकी सरकार ने साढे चार साल में प्रदेश के 4.5 लाख गरीबों को मुफ्त घर बना कर दिए। समाज कल्याण की योजनाओं के तहत प्रदेश की गरीब जनता के खाते में सीधे 5 लाख करोड़ रुपया डीबीटी के माध्यम से दिया गया इससे दलालों की दुकानदारी बंद हो गई। किसानों की नाराजगी को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंन कहा कि कोरोना काल में किसानों से सीधे 6 लाख मीट्रिक टन धान की नगद खरीददारी की गई एवं 56 लाख मीट्रिक टन गेहूं की किसानों से सीधे खरीद कर उन्हें पैसा दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कहीं भी किसान दुखी नहीं है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं फसल बीमा योजना से लेकर किसान क्रेडिट कॉर्ड का सीधा फायदा किसानों को पहुंचाया जा रहा है। किसान आंदोलन को उन्होंने चंद लोगों का आंदोलन बताते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में इन लोगों को प्रदेश के किसान करारा जबाब देंगे।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में जो उपलब्धियां हासिल की है निश्चित तौर पर उनका नाम रिकॉर्ड बुक में जरूर दर्ज होगा। आजादी के बाद उत्तर प्रदेश ने विकास की जो रफ्तार पकड़ी है वह प्रदेश की जनता के मन में गहरे से पैठ जमा चुकी है। योगी सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर साबित कर दिया कि अगर विकास योजनाओं को समय से लागू करना है तो उन्हें किस तरह से रुपांतरित किया जाए। प्रदेश की योगी सरकार की उपलब्धियों में पहले पायदान पर कानून व्यवस्था की मिसाल सारे देश में दी जाने लगी है। बीते साढे चार वर्षों में उत्तर प्रदेश की पुलिस ने बड़े-बड़े माफियाओं, संगठित अपराधियों, गुंडो, बाहुबलियों और अपराधी चरित्र वाले राजनेताओं की कमर तोड़ दी है। अपराधियों की संपत्तियों के ध्वस्तीकरण और जब्तीकरण के कार्य की सारे प्रदेश में जमकर वाह-वाही हुई है। प्रदेश में सरकारी संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठे भूमाफियाओं के चंगुल से 1800 करोड़ से अधिक की सरकारी संपत्ति को मुक्त कराया गया। इसे योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली का प्रभाव ही कहा जा रहा कि बसपा सुप्रीमों मायावती ने साफ कहा कि इस बार विधानसभा चुनावों में वह किसी भी दागी छवि वाले व्यक्ति को टिकट नहीं देंगी। अगर अर्थव्यवस्था की बात करें तो योगी सरकार में प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में दूसरे स्थान पर पहुंची है। यूपी 22 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था वाला देश का दूसरा राज्य बना है। योगी सरकार ने बीते साढे चार वर्षों में विकास के कई कीर्तिमान स्थापित किए है। स्मार्ट सिटी परियोजना की स्थापना में उत्तर प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है। वही प्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश के लिए भी नया माहौल बना है। योगी आदित्यनाथ ने मुंबई जाकर स्वयं देश विदेश के बडे-बड़े कारोबारियों से मुलाकात की थी जिसके बाद प्रदेश मे दक्षिण कोरिया, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और सिंगापुर की कंपनियों ने निवेश का फैसला किया है। प्रदेश में निवेश का एक नया माहौल पैदा हुआ जिसके बाद दुनियाभर के कारोबारियों ने उत्तर प्रदेश का रुख किया। योगी सरकार का लक्ष्य है प्रदेश में 2022 तक 45 हजार करोड़ का सीधा विदेशी निवेश हो सकें। अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए आदित्यनाथ ने प्रदेश में एमएसएमई और ओडीओपी का नया रिकॉर्ड भी जनता के समक्ष रखा। राज्य में रोजगार परक ओडीओपी योजना से जुड़कर 25 लाख परिवार लाभान्वित हुए है। वहीं योगी सरकार ने 2 करोड़ युवाओं को एमएसएमई से जोड़ कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। सरकार ने कोरोना के बचाव के लिए सघन वैक्सीनेशन अभियान चला कर प्रदेश में 9 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाने का काम किया। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों ने दस्तक दे दी है ऐसे में योगी आदित्यनाथ यह बताना भी नहीं भूले की अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर, वाराणसी में बाबा विश्वनाथ धाम का कायाकल्प और विंध्यांचल में माता विंध्यासिनी देवी के मंदिर के लिए भव्य विंध्य कॉरिडोर की परियोजना को भी उन्हीं की सरकार ने शुरू कर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नई वैश्विक शुरूआत कर दी है। दरअसल प्रदेश सरकार पर किसानों की उपेक्षा के आरोप अनेक किसान संगठन लगाते रहे है। खासतौर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच योगी सरकार को लेकर असंतोष की बातों को विपक्ष जमकर प्रचारित कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने जब अपनी सरकार के साढे चार वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया तो पश्चिम उत्तर प्रदेश की गन्ना बेल्ट का उदारहण देते हुए साफ किया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में कोई भी गन्ना किसान दुखी या परेशान नहीं हैं। उनकी सरकार ने चार वर्षों में 1.44 लाख करोड़ से अधिक का गन्ना भुगतान किसानों को कराया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, शामली, मुरादाबाद, बरेली, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद और बिजनौर जिलों को गन्ना बेल्ट कहा जाता है इन जिलों में प्रदेश की सर्वाधिक चीनी मिले भी है। योगी सरकार ने दावा किया कि उनकी सरकार ने गन्ने का सर्वाधिक मूल्य किसानों को दिलाने का काम किया। वह यह बताना भी नहीं भूले कि प्रदेश के 86 लाख किसानों को कर्जा माफ करके उनके बैंक खातों में सरकार ने धन जमा कराने का काम किया। ऐसे में उन्होंने प्रदेश के किसानों की नाराजगी केवल विपक्ष ही फैला रहा है जबकि किसान उनकी सरकार से खुश है।
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वास्तव में साढे चार वर्षों के कार्यकाल में योगी सरकार ने कई रिकॉर्ड बनाने का काम किया। प्रदेश में 33 नए सरकार मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए जबकि पीपीपी मॉडल पर 16 नए मेडिकल कॉलेजों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में पहली बार डिफेंस कॉरिडोर बना कर हजारों युवकों को रोजगार से जोड़ा गया। लखनऊ, कानपुर, चित्रकूट, झांसी, आगरा और अलीगढ़ जैसे शहरों में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना हैं। प्रदेश ने देश के सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे बना कर नया रिकॉर्ड बनाया। बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मेरठ, गोरखपुर, बलिया एक्सप्रेस-वे को आरंभ किया गया। योगी सरकार ने महिलाओं और युवतियों के लिए सुरक्षा एवं स्वावलंबन की नई योजना को अपनी बड़ी उपलब्धी बताया। प्रदेश में किसी भी पीड़ित महिला को यह अधिकार दिया गया कि बिना थाने में जाए उनकी फरियाद पर एक डॉयल मात्र से ही कार्यवाही शुरू हो जाएगी। डॉयल 1090 के तहत प्रदेश के हर थाने में महिला डेस्क की शुरूआत की गई। योगी सरकार ने दावा किया कि उनकी सरकार में बहन बेटियां और महिलाएं पूर्णतः सुरक्षित है उन्होंने चार वर्ष में डेढ लाख बेटियों को सरकारी नौकरी देकर सम्मानित करने का काम किया।




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