सुकमा // मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा
है कि सुकमा जिले के विभिन्न गांवों में स्थानीय वनोपज पर आधारित खाद्य प्रसंस्करण
लघु उद्योग इकाईयां खोली जाएगी,
जिससे यहां के स्थानीय लोगों को इन
उद्योगों से सीधे तौर से जोड़ा जाएगा। वे आज सुकमा जिले के दूर्गम क्षेत्र
पोलमपल्ली में चैपाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री बघेल पोलमपल्ली के
चैपाल में पालामडगू, कांकेरलंका, तोंगगुड़ा, नागलगुण्डा, देवरपल्ली, आरगट्टा, मनीकोण्टा आदि ग्रामों के ग्रामीणों से रूबरू हुए और उनकी विभिन्न समस्याओं
और मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और समस्याओं का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चैपाल कार्यक्रम में
घोषणा की कि जिले के जगरगुण्डा,
गादीरास और तोंगपाल में उपतहसील
कार्यालय खोला जाएगा। उन्होंने पोलमपल्ली में मिनी स्टेडियम खोलने, अतुलपारा में
गिट्टी सड़क बनाने, पांसापारा में सीसी सड़क और नलजल योजना स्वीकृति की भी घोषणा की।
उन्होंने इस अवसर पर पोलमपल्ली में 32 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन, पोलमपल्ली उप
स्वास्थ्य केन्द्र में 23 लाख रुपए की लागत से बने 5 बिस्तर प्रसूति वार्ड, 21 लाख की लागत से
बनाए गए सहकारिता गोदाम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने पोलमपल्ली में 132.70 लाख की लागत से
बनने वाले 100 सीटर बालिका पोटाकेबिन, 132.78 लाख की लागत से
चिन्तागुफा में 100 सीटर पोटाकेबिन बालक छात्रावास, कांकेरलंका में 40.34 लाख की लागत से
बनने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र का भी शिलान्यास किया।
चैपाल कार्यक्रम के तहत् पोलमपल्ली
में आयोजित आम सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकमा जिले के सभी
गांव के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि
जो लोग 2005 से पहले वन भूमि पर काबिज हैं उन्हें वनाधिकार के व्यक्तिगत और
सामूहिक पट्टे दिए जा रहे हैं। सरकार ने जिले के 4237 किसानों के 21 करोड़ 15 लाख के कर्जे माफ
कर दिए हैं। तेन्दूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों का पारिश्रमिक 25 सौ रुपए से बढ़ाकर
चार हजार रुपए कर दिया गया हैं। जिले में पालतू मवेशियों के लिए 23 गोठान बनाए गए हैं
जिसमें से 21 गोठान कार्यशील हो गए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के
किसानों के खेतों में सिचाईं क्षमता बढ़ाने के लिए अधिकारियों को समूचित प्रयास
करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आपके आसपास के जंगल
आपके हैं, यहां की वनोपज पर आपका पहला हक हैं, आप इनकी सुरक्षा कीजिए। आपके क्षेत्र में
महुआ, ईमली, हर्रा बहुतायात मात्रा में पाया जाता हैं आप इसे संग्रहित करें।
सरकार आपके गांव के आसपास ही इसकी मार्केटिंग की व्यवस्था करेगी और यहीं पर आसपास
के गांव में ही वनोपज पर आधारित उद्योग लगाया जाएगा। जिससे यहां के स्थानीय लोगों
को रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे।
आबकारी वाणिज्य कर एवं उद्योग मंत्री
श्री कवासी लखमा पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव और गृह मंत्री
श्री ताम्रध्वज साहू ने ग्रामीणों से उनकी विभिन्न समस्याओं के बारे में बातचीत
की। मुख्य सचिव श्री सुनील कुजुर ने भी चैपाल में चर्चा के दौरान कहा कि शासकीय
योजनाएं यहां के सभी गांवों तक पहुंचे इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए
है। चैपाल कार्यक्रम के दौरान डीजीपी श्री डीएम अवस्थी ने इस क्षेत्र की सड़कों के
निर्माण और क्षेत्र के विकास के लिए यहां की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार
से जानकारी दी। इस अवसर पर सुकमा जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री हरीश कवासी, जनप्रतिनिधि श्री
करणदेव सिंह सहित अपर मुख्य सचिव श्री आरपी मण्डल और श्री सीके खेतान, प्रमुख सचिव, श्री गौरव द्विवेदी, डीजी नक्सल आॅपरेशन
श्री गिरधारीलाल नायक, आईजी बस्तर रेंज श्री विवेकानन्द सिन्हा सहित बडी संख्या में
ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने
कार्यक्रम में 22 लोगों को ऋण माफी प्रमाण पत्र, 30 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, सौ किसानों को धान
बीज किट और 70 हितग्राहियों को हेण्ड स्प्रेयर, सौर सुजला योजना के तीन और 11 किसानों को सब्जी
किट, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन के दो हितग्राहियों को एक लाख रुपए, राष्ट्रीय
सामप्रदायिक सद्भाव योजना के अन्तर्गत 36 नक्सल पीड़ित हितग्राहियों को 4 लाख 26 हजार रुपए, 32 छात्राओं को सायकल, 40 छात्रों को गणवेश
पाठ्य पुस्तकें, 39 छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री ने प्रदाय किए।
इसी प्रकार उन्होंने 55 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 19 इकाई कुकुट, 33 खिलाड़ियों को खेल
सामग्री प्रदान किया।




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