रायपुर, /// वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज
महानदी भवन (मंत्रालय) में वन विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने
तेन्दूपत्ता संग्रहण की प्रगति और जंगल सफारी में किये जा रहे कार्यों की जानकारी
ली। उन्होंने कहा कि यह पहली बार ऐसा हुआ है कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को प्रति
मानक बोरा चार हजार रूपए पारिश्रमिक की राशि दी जा रही है। यह राज्य शासन का
ऐतिहासिक निर्णय है, जो जनघोषणा पत्र में की गई घोषणा के अनुरूप है। इससे तेन्दूपत्ता
संग्राहक परिवारों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि संग्राहकों को समय पर
पारिश्रमिक भुगतान किया जाए,
ताकि इस राशि से संग्राहक परिवार
बारिश के पहले दैनिक आवश्यकताओं को पूरी कर सके। श्री अकबर ने निर्देश दिया कि
विभागीय संग्रहण किये जाने वाले तेन्दूपत्ता को सुरक्षित तरीके से गोदामों में रखा
जाए और अच्छे मूल्य में विक्रय करने के प्रयास किया जाए।
अधिकारियों ने उन्हें बताया कि प्रदेश
में वर्ष 2019 में कुल 16.72 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण लक्ष्य के विरूद्ध दिनांक 29.05.2019 की स्थिति में प्रदेश में 14.70 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण
किया जा चुका है। संग्रहण लक्ष्य के अनुसार संग्रहण पारिश्रमिक की कुल राशि रूपये 690.37 करोड़ होती है, जिसमें से अब तक 524.08 करोड़ की राशि
प्रदेश के समस्त जिला यूनियनों को उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है
तथा जिला यूनियनों द्वारा सम्बंधित प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से
संग्राहकों के बैंक खाते में तत्काल हस्तांतरित की जा रही है। 9.76 लाख संग्रहित
तेन्दूपत्ता मानक बोरा का अग्रिम विक्रय हो चुका है और 6.96 लाख मानक बोरा का
विभागीय संग्रहण होना है।
बैठक में बताया कि बस्तर संभाग में
तेन्दूपत्ता संग्रहण पूर्ण हो चुका है और सरगुजा संभाग में संग्रहण अंतिम चरण में
है तथा 05 जून 2019 तक संग्रहण कार्य पूर्ण हो जावेगा। अभी तक पूरे प्रदेश में लगभग 88 प्रतिशत संग्रहण का
कार्य पूर्ण हो चुका है। संग्रहण पारिश्रमिक की शेष आवश्यक राशि 31.05.2019 तक प्रदेश के समस्त जिला यूनियनों को हस्तांतरित कर दी जावेगी।
जंगल सफारी में अधूरे कार्य पूर्ण किया जाए
वन विभाग के समीक्षा बैठक के दौरान वन
मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने अटल नगर स्थित जंगल सफारी के ले-आउट तथा अन्य संबंधित
विषयों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जंगल सफारी में अधूरे कार्य को जल्द पूर्ण
किया जाए। सेंट्रल जू अथाॅरिटी द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप जंगल सफारी
को विकसित किया जाए। वन विभाग एवं नया रायपुर विकास प्राधिकरण समन्वय स्थापित करते
हुए सफारी के ले-आउट में आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर करें। साथ ही बाटिनिकल
गार्डन को विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें।
बैठक में आवास एवं पर्यावरण विकास की
विशेष सचिव श्रीमती संगीता पी.,
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश
चतुर्वेदी, वन विभाग के सचिव श्री जयसिंह महस्के, नया रायपुर विकास
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एन.एन. एक्का सहित अन्य अधिकारीगण
उपस्थित थे।




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments