रायपुर /// बड़ी खबर ,नाराज स्वस्थ मंत्री टी.एस.सिंहदेव विधानसभा सत्र को बीच में ही छोड़कर सदन बाहर चले गये, मंत्री सिंहदेव ने कहा की जब तक शासन की तरफ से इस मामले पर कोई कार्यवाही नही हो जाती है तब तक मैं सदन नही आऊंगा! और मंत्री सिंहदेव सदन छोड़ कर सदन से निकल गए है.
आज जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष में बृहस्पति सिंह विधायक द्वारा स्वास्थ्य मंत्री पर लगाए गंभीर आरोपों को लेकर हंगामा शुरू हुआ हंगामे के बीच गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने हमले की एफ आई आर की कॉपी सदन के पटल पर रखी जैसे ही उन्होंने f.i.r. में दर्ज बातों को पढ़ना शुरू किया सदन में हंगामा हुआ और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने खड़े होकर कहा कि अब जब तक सरकार इस मामले में अपना मत स्पष्ट नहीं करती तब तक सदन में मैं नहीं आऊंगा और वह यह कह कर अपने बंगले चले गए अचानक हुए तरह के व्यवहार से पूरा सदन सन्न रह गया इधर सदन की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 1 दिन के लिए स्थगित कर दी

मामले की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने अपने विधान सभा कक्ष में सभी मंत्रियों को बुलाया मंत्रणा की मंत्रणा के बाद टी एस सिंहदेव को 2 कैबिनेट मंत्रियों ने फोन करके विधानसभा आने का आग्रह किया टी एस सिंहदेव विधानसभा आए भी और मुख्यमंत्री के कक्ष में गए भी , करीब आधा घंटे के बाद जब तमाम मंत्री एक-एक करके निकल रहे थे तो लग रहा था कि बातचीत का हल नहीं निकला है लेकिन कोई भी खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं था स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने सिर्फ इतना ही कहा कि फैसला भविष्य की गर्त में है और विधानसभा से चले गए
विधानसभा सत्र के आज दूसरा दिन है और सदन में लगातार दूसरे दिन भी वृहस्पत सिंह पर हुए हमले पर सदन मुद्दा गरमाय हुआ है, विपक्ष के लोग लगातार इस मामले को लेकर मंत्री टी एस सिंह देव पर जवाबी हमला करते रहे जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने शासन की ओर से जब तक इस मामले पर कार्यवाही नहीं होती है तब तक सदन में नहीं आने की बात

कहकर सदन से चले गए।मानसूत्र सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे से शुरू हुआ प्रश्नोत्तर काल मे विपक्ष और सत्ता कुछ सदस्य जवाब से संतुष्ट नजर आए तो कुछ असंतुष्ट प्रश्नोत्तरी के बाद आज छत्तीसगढ़ विधानसभा सदन में वो हुआ जो शायद इतिहास में कभी नही हुआ आज जो हुआ उस पर पूरे देश मे चर्चा है
छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसूत्र सत्र का दूसरा दिन वैसे ही शुरू हुआ जैसे पहले दिन का माहौल था शुरुआत में ही विपक्ष ने सत्तापक्ष को घेरने शुरू कर दिया सत्ता पक्ष ने शराब में कोरोना टेक्स का मामला उठाया जिसमें पूछा गया कि कोरोनावायरस के नाम पर जितना भी टैक्स लिया गया है उस राशि का क्या उपयोग किया गय विपक्ष ने यह भी पूछा की स्वास्थ्य विभाग को कितनी राशि ट्रांसफर की गई जिसके जवाब में सरकार की तरफ से जवाब दिया गया कि कोरोनावायरस के नाम पर इकट्ठी हुई राशि का एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया है जिसके बाद विपक्ष ने हंगामेदार माहौल बना दिया सवाल जवाब नोकझोंक चल ही रही थी इतने में एक बार फिर से विधायक बृहस्पति सिंह पर हमले का मामला उठा जिस पर एक दिन पहले ही सरकार की तरफ से ऐलान किया गया था इस मसले पर सरकार अपना पक्ष रखेगी गृह मंत्री ने घटनाक्रम की पूरी जानकारी दी जिसके बाद विपक्ष ने आपत्ति जताई कि उनके सवालों का सही जवाब उन्हें नहीं मिला है क्योंकि विपक्ष ने सवाल यह किया था कि इस पूरे घटनाक्रम में विधायक कितना सच बोल रहे हैं या मंत्री के चरित्र हनन की कोशिश की जा रही है जिसके बाद माहौल बदला और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव सदन में खड़े हुए उन्होंने कहा कि मैं भी एक इंसान हूँ लेकिन मेरे परिवार में कभी भी इस तरह के आरोप नहीं लगे हैं और मैं जब तक इस सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होऊंगा जब तक सरकार की तरफ से इस विषय पर कोई वक्तव्य नहीं आता
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने सदन से जैसे ही वॉकआउट किया उसके बाद विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया सदन के अंदर का माहौल एकदम से बदल गया सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सदन से बाहर आ गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कक्ष में आपात बैठक बुलाई गई जिसमें सभी मंत्री शामिल हुए कुछ देर तक बैठक चलने के बाद मंत्री और मुख्यमंत्री बाहर निकले लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए जैसे तैसे सदन की कार्यवाही दूसरी बार शुरू हुई तो शराब में सेस का मामला एक बार फिर से विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अगले दिन 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव की नाराजगी के बाद विपक्ष ने इस पूरे मसले को इतिहास में सबसे ज्यादा शर्मनाक करार दिया है विपक्ष के सभी बड़े नेताओं ने कहा है की 22 साल के इतिहास में या देश के किसी भी सदन में इस तरह का मामला कभी सामने नहीं आया जब एक मंत्री अपनी ही सरकार से नाराज होकर बाहर चला गया हो..
देखते ही देखते माहौल लगातार बदल रहा था सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आनन-फानन में विधानसभा के अंदर ही अपने कक्ष में कैबिनेट की बैठक बुलाई बैठक का कारण था स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव की नाराजगी नाराजगी ऐसी कि कोई भी मंत्री टी एस बाबा को मनाने में सफल नहीं हो पा रहा था फिर छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने स्वास्थ्य मंत्री को फोन लगाकर उन्हें कैबिनेट में शामिल होने की बात कही जैसे तैसे विधायक शैलेश पांडे ने उन्हें मनाया और कैबिनेट में लेकर आए माना जा रहा था कि कैबिनेट से निकलकर स्थितियां बदल जाएंगी सत्ता ने सोचा था स्वास्थ्य मंत्री मान जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ

स्वास्थ्य मंत्री ने कैबिनेट की बैठक से निकलकर स्पष्ट कहा कि उन्होंने सदन के अंदर जो कहा था उस बयान पर अब भी कायम है लेकिन सरकार के मंत्री अलग-अलग बयान देते नजर आए कैबिनेट मिनिस्टर मोहम्मद अकबर पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधने के साथ-साथ यह कहते नजर आए कि सब कुछ ठीक है कुछ इस तरह का बयान आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी देते नजर आए
शाम होते होते तक माहौल शांत नहीं हुआ आलम यह था कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में घटी घटना के बाद पूरे देश में इस विषय पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया राष्ट्रीय स्तर के नेता इस पूरे मसले पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया अपने सोशल अकाउंट पर देते दिख रहे हैं शाम 6:00 बजे के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर आपात बैठक बुलाई.जिसमें बृहस्पति सिंह पर हमले मामले में चर्चा हुई.उसके बाद भी वह हल नहीं निकल पाया जो निकलना चाहिए था स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव कीनाराजगी कैसे और कब दूर होगी यह तो भविष्य के गर्त में छुपा ह.लेकिन मामले ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सियासत को हिला कर रख दिया है




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