छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में सारे प्रदेश के कांग्रेसजनों द्वारा 22 जुलाई को दोपहर 1 बजे पेगासस मामले में विरोध स्वरूप गृहमंत्री अमित शाह के त्यागपत्र और सर्वोच्च न्यायालय की देखरेख में मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर राजीव भवन से राजभवन मार्च किया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेस, प्रदेश पदाधिकारियों, सांसद, पूर्व सांसद प्रत्याशी, विधायक, पूर्व प्रत्याशी, पूर्व विधायकों, एआईसीसी एवं पीसीसी सदस्यों, जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, पदाधिकारियों, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ विभाग के जिल, ब्लाक पदाधिकारियों, सोशल मीडिया के प्रशिक्षित सदस्यों, नगरीय-निकाय, त्रि-स्तरीय पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सहकारिता क्षेत्र के पदाधिकारियों सहित आज 22 जुलाई 2021 के राजभवन मार्च में शामिल होंगे।
रायपुर 21 जुलाई /// पेगासस जासूसी मामले में विवाद बढ़ता ही जा रहा है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पेगासस बनाने वाली कंपनी के अधिकारी छत्तीसगढ़ आए थे और कुछ लोगों से संपर्क किया था इसलिए हमने एक जांच समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि सरकार खुलासा करें कि कौन आया था, किससे डील हुई थी, कितने की डील हुई, कितने दिनों तक जासूसी हुई, देश को ये जानने का हक है।
सीएम बघेल ने कहा कि चूंकि वे (एनएसओ समूह) केवल सरकार के साथ काम करते हैं, भारत सरकार को यह बताना चाहिए कि उन्होंने उनके साथ सौदा किया है या नहीं। वे विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और यहां तक कि मंत्रियों की भी जासूसी कर रहे हैं। उद्देश्य क्या था? इसकी जांच होनी चाहिए।
इसके अलावा सीएम रमन सिंह ने ऑक्सीजन की कमी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि ऑक्सीजन की कमी से कितनी जाने गईं। लेकिन सरकार को नहीं पता। वहीं जब लेमरू प्रोजेक्ट पर सवाल किया गया तो सीएम बघेल ने कहा कि इस मुद्दे पर रमन सिंह को पूछने का कोई अधिकारी नहीं है। लेमरू प्रोजेक्ट का एरिया कम नहीं हो गया। कैबिनेट बैठक में ये फैसला लिया गया है।

पेगासस जासूसी मामले में केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली IT मामलों की संसदीय समिति पेगासस से जुडे़ 'नागरिक डेटा सुरक्षा और सिक्योरिटी' विषय को लेकर बैठक करेगी। आपको बता दें कि ये मीटिंग 28 जुलाई को होगी। इस मीटिंग में आईटी मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
ऑक्सीजन की कमी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान पर सीएम बघेल ने कहा कि दुर्भाग्यजनक बात है कि उत्तरप्रदेश जैया राज्य, ये कहता है कि ऑक्सीजन की कमी बताने पर हॉस्पिटल पर कार्रवाई होगी। पूरे देश ने देका है, उसके बाद भी ऐसे बयान शर्मनाक हैं।




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