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मनरेगा ने किया सपना पूरा सुकमन के खेत में मछलीपालन के लिए बना तालाब, पानी की कमी से अब खेत भी नहीं सूखेंगे

Anil Choubey 14-07-2021 18:58:20


रायपुर. 14 जुलाई 2021. मछलीपालक दोस्तों के साथ उठते-बैठते कृषक श्री सुकमन मरकाम के मन में भी सपना पला कि उनका भी एक निजी तालाब हो तो मछलीपालन कर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। वे गांव के अधिकांश किसानों की तरह वर्षा आधारित खेती करते हैं। सिंचाई का साधन नहीं होने के कारण बरसात के बाद कोई और फसल लेने की संभावना नहीं थी। अपने साथियों से वे मछलीपालन से कम समय में होने वाली कमाई के बारे में सुनते रहते थे। इसने उनके मन में भी मछलीपालन का सपना जगा दिया था।

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के सरईटोला (मा.) ग्राम पंचायत के आश्रित गांव गट्टासिल्ली (रै.) के किसान श्री सुकमन मरकाम का यह सपना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियन) ने पूरा कर दिया है। उन्होंने मछलीपालन के लिए अपनी निजी जमीन पर तालाब की मांग ग्राम पंचायत से साझा की। ग्राम पंचायत की पहल से मनरेगा से उनके लिए तीन  लाख रूपए की लागत से निजी तालाब के निर्माण का कार्य स्वीकृत हो गया। पिछले साल नवम्बर में तालाब की खुदाई शुरू हुई और इस वर्ष मई में इसका काम पूरा हो गया। तालाब खुदाई के दौरान गांव के 76 श्रमिकों को 1424 मानव दिवस का रोजगार प्राप्त हुआ, जिसके लिए उन्हें दो लाख 71 हजार रूपए का मजदूरी भुगतान किया गया। श्री सुकमन मरकाम के परिवार को भी इस काम में 54 मानव दिवस का सीधा रोजगार मिला, जिसके एवज में उन्हें दस हजार 260 रूपए की मजदूरी मिली।

मनरेगा से श्री सुकमन मरकाम के खेत में 30 मीटर लंबाई और इतनी ही चौड़ाई का तालाब खोदा गया है। वे बताते हैं कि आसपास के जलस्रोतों और बारिश के पानी से तालाब भर गया है। उन्होंने इसमें सात किलो मछली बीज (स्पान) डाला है। कुछ दिनों बाद बाजार में बेचने लायक मछलियाँ तैयार हो जाएंगी और श्री सुकमन मरकाम का सपना साकार हो जाएगा। तालाब के पानी से अल्प वर्षा की स्थिति में वे अपने खेतों की सिंचाई भी कर सकेंगे। मनरेगा से निर्मित यह तालाब श्री सुकमन मरकाम को आजीविका के लिए मछलीपालन का मजबूत विकल्प देने के साथ ही सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराकर उनके फसलों की पैदावार भी बढ़ाएगा। इससे उनकी कमाई बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक समृद्धि का रास्ता खुलेगा।

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