भीमा मांडवी हत्या की जाँच एनआईए के हवाले
जगदलपुर: 17वीं लोकसभा के चुनाव परिणाम 23 मई को आ चुके हैं यह चुनाव भारी हिंसा और नेताओं के बड़बोले पन के बीच गुजर गया है चुनाव परिणाम आते ही केंद्र सरकार ने भीमा मंडावी हत्या कांड की जाँच एनआईए से करने का अचानक निर्णय ले लिया है. छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण के लोकसभा चुनाव में हुई नक्सली वारदात में बीजेपी बस्तर के एकमात्र विधायक भीमा मंडावी को 9 अप्रैल मतदान से ठीक दो दिन पहले आईडी लगाकर घात लगाए बैठे नक्सलियों ने उनकी कार को निशाना बनाया और भीमा मंडावी की मौत हो गई. भीमा मंडावी के साथ 4 जवान भी शहीद हुए | तमाम राजनीतिक दल बस्तर के प्रथम चरण की इकलोती लोकसभा सीट के लिए प्रचार करने में पूरी ताकत लगाई हुए थे कि तभी 5:00 बजे के दरमियान यह खबर आई की चुनावी सभा को संबोधित कर लौट रहे विधायक भीमा मंडावी को घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने निशाना बनाया और उनकी बुलेट प्रूफ गाड़ी को आईडी लगाकर हवा में 50 फीट ऊपर उछाल दिया आईडी बहुत ही पावरफुल थी जिसके कारण भीमा मंडावी के कार के परखच्चे उड़ गए और भीमा मांडवी का शव ब्लास्ट के स्थान से 30 फीट की दूरी पर मिला |
जैसे ही यह खबर दंतेवाड़ा से होते हुए रायपुर और पूरे देश में फैली एकदम से दहशत का माहौल फैल गया छत्तीसगढ़ शासन ने तत्काल प्रभाव से डीजे और गृहमंत्री को घटनास्थल के लिए रवाना किया जहां पर पूरी घटना की जानकारी एसपी से लेकर शाम को एक प्रेस नोट जारी किया गया जिसमें कहां गया की भीमा मंडावी को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई थी उस सुरक्षा को उन्होंने दोपहर 2:00 बजे यह कह कर रवाना कर दिया कि उन्हें अब कहीं जाना नहीं है उसके बाद वह अकेले फॉलो गार्ड को लेकर घोर नक्सली इलाके में गए और उन्होंने बाजार में एक नुक्कड़ सभा की नुक्कड़ सभा के बाद जब वह वापस आ रहे थे तो वायरलेस से उन्हें उस रोड से जाने के लिए थानेदार द्वारा मना किया गया लेकिन वह नहीं माने क्योंकि यह रोड शॉर्टकट था इस रोड पर बहुत कम लोगों का आना जाना होता हैं ट्रैफिक बहुत कम होता है उसी सड़क पर घात लगाए नक्सलियों ने भीमा मंडावी की कार को निशाना बनाया छत्तीसगढ़ शासन ने प्रेस नोट जारी होने के साथ ही भीमा मंडावी की दुर्घटना को लेकर न्यायिक जांच के भी आदेश दे दिए बस्तर में दो दिन बाद पुलिंग थी मतदान होना था आचार संहिता लगी हुई थी सभी राजनीतिक दल मतदान कराने में व्यस्त हो गए मामला न्यायिक जांच को लेकर ठहर गया |
लोकसभा चुनाव के ठीक पहले 9 अप्रैल को प्रचार के दौरान दंतेवाड़ा जिले के श्याम गिरी के पास नक्सलियों ने आईडी विस्फोट कर भा जा पा विधायक भीमा मंडावी के वाहन को उड़ा दिया था घटना में मंडावी की मौत के साथ 4 जवान भी शहीद हुए थे सरकार ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश जारी किए सिक्कम उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सतीश के अग्निहोत्री को इस मामले की जांच करने की जुमेदारी दी न्यायिक जांच के आठ बिंदु भी तय किए गए एकल सदस्यीय जांच आयोग को 3 महीने के भीतर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपा है. वही अब इस पूरी घटना की जांच के लिए भारतीय दंड संहिता 147 ,48,49 302, 307 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कर अलग से जांच करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन को पात्र भेजा है अब यह जांच एनआईए करेगा भी करेगा!




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