******राज्य के स्पंज आयरन उद्योगों को प्राथमिकता से डी.आर.सी.एल. ओ. उपलब्ध कराने, बस्तर अंचल के उद्योगों को रियायती दर लौह अयस्क उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मुद्दो पर हुई चर्चा ********
रायपुर //// मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में एन.एम.डी.सी. के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुमित देब ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल ने एमएमडीसी के चेयरमेन से राज्य में स्थापित स्पंज आयरन उद्योगों को प्राथमिकता पर डी.आर.सी.एल.ओ. ( Directly Reduced Calibrated Lump Ore)
उपलब्ध कराने को कहा । मुख्यमंत्री ने कहा कि डी.आर.सी.एल.ओ. का 75 प्रतिशत राज्य के उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बस्तर अंचल में स्थापित होने वाले लौह अयस्क आधारित उद्योगांे को 20 प्रतिशत रियायती दर पर लौह अयस्क उपलब्ध कराने को कहा।
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चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गीदम दंतेवाड़ा में बन रहे इंडस्ट्रीयल पार्क में एनएमडीसी द्वारा सी.एस.आर. के तहत आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के विकास में सीएसआर की महत्वपूर्ण भूमिका हो साथ ही राज्य के अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों जैसे नेशनल ट्रायवल डाॅन्स फेस्टिवल सहित अन्य कार्यक्रमों में एनएमडीसी की सक्रिय सहभागिता हो। मुख्यमंत्री ने चेयरमेन को बताया कि बेलमुंडी डायमंड ब्लाॅक महासमुंद को एन.सी.एल. हेतु आरक्षित करने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को भेजा गया है। इस पर आवश्यक पहल की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैलाडिला लौह अयस्क निक्षेप क्रमांक-4 एन.सी.एल.एल. के पक्ष में एल.ओ.आई. आशय पत्र जारी कर दिया गया है। इस परियोजना में शीघ्र पूर्वेक्षण प्रारंभ कर खनिपट्टा प्राप्त करने की कार्यवाही 2 वर्ष के भीतर प्रारंभ किया जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि एन.एम.डी.सी. का मुख्यालय रायपुर किए जाने की मांग कई वर्षो से लंबित है जिस पर कोई विचार अभी तक नही किया गया है। राज्य में स्थापित एनएम.डी.सी. के कार्यालयों को राज्य के बाहर स्थानांतरित किए जाने पर इसका छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा कड़ा विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंहपरदेशी, खनिज साधन विभाग के सचिव श्री अन्बलगंन पी., एन.एम.डी.सी. के सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।




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