
रायपुर, 26 जून 2021/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को आज यहां उनके निवास कार्यालय में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री देवेंद्र बहादुर सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के वर्ष 2019-20 के लाभांश की राशि 2.92 करोड़ रुपए का चेक सौंपा।
छत्तीसगढ़ राज्य वन औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बाल कृष्ण पाठक, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल शोरी, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पीसी पांडे भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इस अवसर पर राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कार्य आयोजना अंतर्गत निगम द्वारा रोपित किये गये सागौन वृक्षारोपण के विरलन से प्राप्त वनोपज के विक्रय एवं अन्य आय से वित्तीय वर्ष 2019-20 में 62 करोड़ 25 लाख रुपए की आय तथा विभिन्न कार्यों पर 31 करोड़ 79 लाख रुपए व्यय हुआ है। वर्ष के दौरान निगम को 30 करोड़ 28 लाख रुपए का लाभ हुआ है।
वन विकास निगम के अध्यक्ष ने बताया कि निगम द्वारा संपादित किये जा रहे कार्यों से राज्य के वनांचल में रहने वाले वनवासियों एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के ग्रामीणों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु उन्हें सतत् रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं। निगम द्वारा बैंक अथवा किसी वित्तीय संस्थान से कोई ऋण नहीं लिया गया है, न ही निगम को राज्य शासन से कोई अनुदान प्राप्त होता है। वन विकास निगम राज्य में हरियाली के प्रसार एवं पर्यावरणीय विकास हेतु कृत संकल्प है।
राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पी.सी.पांडे ने निगम के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019-20 में निगम द्वारा 1600 हेक्टेयर क्षेत्र में 40.60 लाख सागौन, बांस एवं मिश्रित प्रजाति के पौधे लगाए गए। वर्ष 2019-20 में निगम द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यावरण सुधार हेतु डिपाजिट रोपण योजना अंतर्गत विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से प्राप्त राशि से 8.70 लाख मिश्रित प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया। इसी प्रकार वर्ष 2019-20 में

निगम द्वारा हरियर छत्तीसगढ़ कोष अंतर्गत 5.69 लाख मिश्रित प्रजाति के पौधों को रोपण किया गया। वानिकी वर्ष में 2019-20 में 32164 घनमीटर ईमारती काष्ठ, 18113 नग जलाऊ चट्टा तथा 1354 नोशनल टन बांस का उत्पादन हुआ है।
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा प्रकाशित "जड़ी बूटी -दैनंदिनी 2021'' का विमोचन किया । साथ ही वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को स्टीविया का पौधा भेंट किया ।
मुख्यमंत्री श्री बघेल को पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री पाठक ने बताया कि इस जड़ी बूटी - दैनंदिनी में परंपरागत वैद्यों की सूची, पारंपरिक ज्ञान आधारित परामर्श केन्द्र, होम हर्बल गार्डन, औषधीय पौधों के उपयोग करने की विधि, औषधीय पौधों के खेती हेतु अनुदान राशि, औषधीय पौधों की खेती का तरीका, औषधीय पौधों का संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण एवँ मूल्य संवर्धन तथा मानव शरीर के रोगों में उपयोग होने वाले औषधीय पौधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी है । यह दैनंदिनी कृषकों, विभाग के अधिकारियों, भू-स्वामी, सामाजिक संस्थाओं, विद्यार्थियों के साथ ही गृहिणियों के लिए भी लाभकारी होगा । औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसान समूह को औषधीय पौधों की खेती, खेती हेतु अनुदान राशि, उत्पादन के पश्चात प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के साथ ही कम लागत एवँ कम समय में अधिक आमदनी प्राप्त करने तथा कृषकों के कृषि संबंधित समस्याओं के समाधान का भी उल्लेख किया गया है ।

पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री पाठक ने बताया कि मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी के अंतर्गत औषधीय पौधों को जन-जन तक पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत औषधीय पौधों के रोपण हेतु यह दैनंदिनी किसानों के लिए उपयोगी साबित होगी। जिससे प्रदेश की मिट्टी एवँ जलवायु के अनुकूल तथा बहुतायत में मांग वाले औषधीय पौधों की खेती से ग्रामीणों को अधिक आय के स्रोत उपलब्ध होंगे ।
इस अवसर पर वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर,छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा और औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव एवँ परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव श्री निर्मल कुमार भी उपस्थित थे ।




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