
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास परिसर में हर्रा और चार के पौधे रोपकर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने इस मौके पर प्रदेशवासियों को अपने पर्यावरण को स्वच्छ और हरा भरा बनाने के लिए वृक्ष लगाने और उनकी देखरेख कर उनकी रक्षा करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अपने निवास परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोहार का पौधा लगाया था, जो अब 5 फिट ऊंचा हो गया है। श्री बघेल ने पौधे के पास जाकर उसकी बाढ़ देखकर संतोष प्रकट किया।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी और वनमण्डलाधिकारी रायपुर श्री विश्वेश कुमार झा उपस्थित थे।
रायपुर, 6 जून 2021/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम में दुर्ग वनमंडल के अंतर्गत दुर्ग जिले के ग्राम फुंडा (पाटन) में जैव विविधता पार्क का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न वनमंडलों के वन प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा किसानों से वर्चुअल संवाद किया। वर्चुअल संवाद में बस्तर, बिलासपुर, बलरामपुर, कांकेर, महासमुंद तथा कवर्धा वनमंडल के अंतर्गत जनप्रतिनिधि तथा वन प्रबंधन समिति के सदस्य और कृषक शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस दौरान ’’बटरफ्लाई ट्रेजर ऑफ छत्तीसगढ़’’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री राजेश तिवारी, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिन किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हैे, यदि वे धान फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी तरह ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा, तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है, तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने व विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।




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