रायपुर /// छत्तीसगढ़ में शराब को लेकर पिछले 15 सालों से तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं ,पहले ठेकेदारी प्रथा थी फिर सरकार ठेकेदार बन गई ,फिर भी पारदर्शिता नहीं रही सरकार के कुछ लोग ,शराब बनाने वाली कंपनियों से सांठगांठ करके आबकारी खजाने में चूना लगाते रहे कुछ FIR भी हुई कुछ रिकवरी भी हुई लेकिन पारदर्शिता की कमी बनी रही वही शराब विक्रेता , वही ठेकेदार , वही कोचिये मिलकर आबकारी खजाने को विभिन्न माध्यमों से लूट कर अपना घर और तिजोरी भरते रहे इस पूरे खेल में अधिकारी ,ठेकेदार, कोचिये , नेता सब मिलकर अपने अपने हिसाब से आबकारी के खजाने को लुटेते रहे सरकार ने ठेकेदारी प्रथा खत्म करके खुद शराब बेचना शुरू कर दिया तो उसमें भी वह पारदर्शिता नहीं ला पाए और अपने लोगों के द्वारा शराब बिक्री खरीदी की बेचने का धंधा करने में लग गए आंकड़े बताते हैं कि जितनी शराब नंबर में सरकार बेचती है उससे डेढ़ गुनी शराब नंबर 2 में बिकती आ रही है इस तथ्य को मंत्री से लेकर आबकारी का सबसे छोटा मुलाजिम भी अच्छी तरीके से जानता है समझता है पूरा धंधा नगद का होने के कारण कैशफ्लो बहुत तेज होता है जिस धंधे में कैश फ्लो बहुत तेज होता है उसमें नियत खराब होना लाजमी है पहले तो शराब का धंधा करने में लोगों को शर्म आती थी अब यह फैशन हो गया है इस धंधे में पहले जयसवाल कोम हुआ
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करती थी अब इसे पंजाबी और सरदारों ने अपना धंधा बना लिया बिना हिसाब-किताब के धंधे में नंबर दो की पूंजी और मसल पावर का जबरदस्त उपयोग होता है शराब पीने वाले जो वीडियो वायरल हो रहे हैं उससे तो लगता है कि बिना शराब के लोग जीवित नहीं रह पाएंगे एक वास्तु शास्त्री का कहना है कि शराब की दुकान वाले कभी भी वास्तु के हिसाब से दुकान लेने की सोचते नहीं है फिर भी उनका धंधा दिन दूनी रात चौगुनी फलता फूलता रहता है
लॉकडाउन में नंबर दो कि कोचिया ब्रांड की शराब को तो सरकार नहीं रोक पाई लेकिन इस बार सरकार ने एक बहुत ही अच्छा काम किया है उस काम में जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है वह बहुत ही पारदर्शी तरीके का है जिस व्यक्ति को शराब चाहिए वह मनचाहे ब्रांड का पैसा पहले ऑनलाइन सरकार के खाते में जमा कर दें जो ओटीपी उसके मोबाइल पर आया है उसको लेकर अंग्रेजी शराब की दुकान में जाए ओटीपी दिखाएं और अपना मनचाहा ब्रांच लेकर चला जाए ,दुकान के बाहर सरकार ने बड़े-बड़े बोर्ड भी लगा दिए हैं कि नगद में यहां कोई भी शराब नहीं मिलेगी ऑनलाइन पैसा जमा करके आइए ओटीपी दिखाइए दुकान का सुपरवाइजर उस ओटीपी नंबर को अपने पास रजिस्टर में नोट करेगा और आपको चुपचाप शराब की बोतल दे देगा इस प्रणाली से उन तमाम लोगों के हथकंडों पर ब्रेक लग गया है जो पैसे लेकर मनमानी करते थे उपभोक्ता को तंग कर शराब बेचते थे पहले तो ना मनचाहा ब्रांड मिलता था ऊपर से पैसे का भी पता नहीं चलता था कि कितना देना है फिर शाम को पूरा कैसे खट्टा होता था एक अलग एजेंसी आती थी पैसा इकट्ठा करके बैंक में जमा करती थी और बीच में बहुत से घपले हो जाते थे सरकार कुछ कर नहीं पा रहे थी सिर्फf.i.r. और सस्पेंड तक सीमित हो गई थी उसके बावजूद आए दिन गवन के केस की खबरें आ रही थी उस पर रोक भी लग गई इस प्रणाली से सरकार का पैसा सुरक्षित हो गया ग्राहक का ब्रांच सुरक्षित हो गया पूरा लेनदेन ट्रांसपेरेंट तरीके से हो रहा है

अभी इस प्रणाली में थोड़ी बहुत जो खामियां हैं उनको लगातार दूर किया जा रहा है आगे जो अपडेट आने वाला है उसमें आपके मोबाइल पर यह भी बताया जाएगा कि आप जिस दुकान से शराब लेना चाहते हैं उस दुकान में कौन कौन से ब्रांड की शराब उपलब्ध है और उसकी क्या कीमत है उसको टिक कर के आप मनचाही दुकान से अपनी शराब खरीद सकते हैं पैसा आपको एडवांस सरकार खाते में जमा करना पड़ेगा आपको उसका ओटीपी मिलेगा उसको किसी को दिखा कर आप शराब ले सकते हैं
इस प्रणाली से जहां पूरी पारदर्शिता आ गई है वही इस प्रणाली के जाल को तोड़ने के लिए भी लोग सक्रीय हो गए पहले से जिनके मुंह में शराब से पैसा कमाने का चस्का लगा हुआ है अब इस प्रणाली को तोड़ने के मूड में है कुछ लोग मंत्री कवासी लखमा को बरगला रहे हैं किस प्रणाली से दुकान की सेल कम हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं है वास्तव में जिसे शराब लेना है जिसको पीना है उन सब के पास मोबाइल है उन सब के खाते हैं वह खाते में जमा करके और
अपनी शराब अपने मनचाहा ब्रंड की निर्धारित कीमत पर उठा सकते हैं इस पूरी प्रणाली में उपभोक्ता को कहीं कष्ट नहीं है सरकार के पास भी पैसा सुरक्षित है और ब्रांड भी मनचाहा ग्राहक को मिला रहा है लेकिन उन लोगों को भारी तकलीफ है जो ग्राहक को लूट रहे थे सरकार को चूना लगा रहे थे वाही ठेकेदार और वाही दारू विक्रेता जो सुपरवाइजर को नीचे से पैसा देकर अपना ब्रंड बिकवाना चाह रहे थे वे सारे लोग कष्ट में हैं वह लोग लगाता सरकार पर दबाव बना रहे हैं पारदर्शिता प्रणाली की दुकानदारी कितने दिन चलती है या सरकार फिर से इन घोटालेबाज शराब के धंधे से जुड़े हुए लोगों के सामने घुटने टेकती है




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COLLECTORS OF VARIOUS DISTRICTS ARE GIVING ORDERS AS THEY PLEASE .
Replied by rajeshmishrabhilai@gmail.com at 2021-04-28 14:04:33
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