ज्योतिषी वास्तुशास्त्री योगी पंडित
विंनीत शर्मा ने अपने शोध में बताया कि सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में आता है उस समय नौतपा प्रारंभ हो जाता है यह नौतपा मुख्य रूप से नो दिनों का होता है होता है इस समय बहुत अधिक गर्मी उष्णता उमस के साथ तापमान बहुत तेज रहता है इस वर्ष 25 मई 2021 वैशाख शुक्ल चौदस के दिन सूर्य का आगमन रोहिणी नक्षत्र में हो रहा है मंगलवार का दिन होने की वजह से इस बार प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना बन रही है शुक्र अस्त होने की वजह से थोड़ी बदली थोड़ी बारिश तूफान और आंधी आ चलने के संकेत हैनूतन हिंदू वर्ष विक्रम संवत 2078 वर्ष के राजा और मंत्री दोनों ही मंगल ग्रह है मंगल अपने आप में एक क्रूर ग्रह माना गया है शनि ग्रह और गुरु ग्रह का वक्री होने की वजह से तापमान अधिक रहेगा साथ ही साथ बारिश व मौसम में अप्रत्याशित बदलाव ,अंधड़ तूफान और घनघोर बारिश भी आने के सारे आसार दिखाई पड़ रहे हैं! 30 मई को शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा वहां से कुछ वर्षा होने के लिए योग बनेंगे*

ऐसी मान्यता मानी गई है जिस वर्ष नौतपा में बहुत गर्मी पड़ती है उस वर्ष मानसून बहुत अच्छा रहता है वर्षा बहुत अच्छी होती नौतपा के समय में निर्जलीकरण से बचने हेतु अधिक से अधिक भरपूर मात्रा में जल का सेवन करना चाहिए साथ ही विटामिन सी युक्त नींबू का रस पीना भी शरीर के लिए लाभदायक माना गया है गायत्री मंत्र का पाठ सूर्य गायत्री मंत्र ओम घृणि सूर्याय नमः सूर्य चालीसा सूर्य सहस्त्रनाम आदित्य हृदय स्त्रोत और सूर्य को जल देना इस समय शुभ माना जाता हैसूर्य ग्रहण का अनुग्रह प्राप्त करने हेतु इस समय भरपूर मात्रा में मंत्रों के साथ सूर्य नमस्कार आसनों का अभ्यास सकारात्मक परिणाम प्रदान करता है शीतली प्राणायाम और शीतकारी प्राणायाम भी इस समय राहत प्रदान करते हैं
यजुर्वेद का महान मंत्र ओम भूर्भुव स्व तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रचोदयात् इस महामंत्र को एक माला सुबह और शाम पढ़ना लाभदायक रहता हैइस समय में प्रातः उठकर सूर्य को जल देना भी हितकर माना गया है! यह नौतपा 2 जून को समाप्त हो जाएगा।




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