रायपुर /// वैक्सीनेशन की मारामारी को लेकर एसा कोई राज्य नहीं है जहां पर तरह तरह की खबरें और अफवाह जन्म ना ले रही हों , हाल ही में 4 दिनों से छत्तीसगढ़ में एक खबर सोशल मीडिया और चैनल में प्रसारित हो रही थी की छत्तीसगढ़ को 2लाख वैक्सीन मिली और वह गायब हो गई ,गायब होने के तरह-तरह के कयास सोशल मीडिया में लगाए जा रहे थे लोगों का कहना था कि वैक्सीन हाईजैक हो गई है सोशल मीडिया में चल रही इस बकवास खबर पर सरकार ने संज्ञान लेते हुए जांच प्रारंभिक की तो पता चला कि की जो वैक्सीनेशन एयरपोर्ट पर आई थी वह एन एच एम एम आई की थी उसे उनके मुख्यालय ने अपने स्टाफ और उनके परिवार वालों को लगाने के लिए कंपनी की तरफ से भेजी गई थी ,एयरपोर्ट पर वह वैक्सीनेशन काफी देर तक पड़ी रही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राज्य शासन से संपर्क किया तो राज्य शासन ने किसी भी तरह की वैक्सीनेशन लाये जाने की कोई सूचना नहीं है का जब्बा दिया था

एनएच एम एम आई के अधिकारियों को उनके हैदराबाद मुख्यालय से जानकारी प्राप्त हुई थी कि आप के उपयोग के लिए वैक्सीन इस फ्लाइट से रायपुर के लिए रवाना हो गई है रायपुर एयरपोर्ट से संपर्क कर प्राप्त करें एनएच एम एम आई के अधिकारियों ने जानकारी लेकर अपने 700 वैक्सीन डोज एयरपोर्ट से उठाकर एन एच एम एम आई रायपुर हॉस्पिटल ले आए यह तो थी असलियत जो सोशल मीडिया और मीडिया में चिंगारी की तरह भड़की और एक सनसनीखेज खबर तैयार की गई कि 2 लाख वैक्सीन के डोज रायपुर आए और गायब हो गए
इस पूरी सनसनीखेज खबर के पीछे की मुख्य जड़ रायपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ही है उनके कर्मचारियों द्वारा पत्रकारों को यह जानकारी दी गई थी कि रायपुर में वैक्सीन आई गई है खबर जेसे ही पत्रकारों को मिली उन्होंने वैक्सीन आई की खबरें को वायरल करना शुरू कर दीया

छत्तीसगढ़ में वैक्सिंग की कमी होने के कारण 80% से अधिक सेंटरों में वैक्सीनेशन का काम बंद हो गया था यह भी एक खबर थी इसलिए इस खबर पर पत्रकारों को जब एयरपोर्ट अथारिटी से यह खबर मिली कि वह वैक्सीनेशन आ गई है तो उन्होंने उसको उस तरीके से प्रसारित किया कि अब फिर से वैक्सीनेशन का काम शुरू हो जाएगा इस बीच जब उन्होंने राज्य शासन से बातचीत की तो किसी भी तरह की कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है इंकार कर दिया गया बस फिर क्या था पत्रकारों ने इसको सोशल मीडिया पर और सोशल मीडिया के अनन्य प्लेटफॉर्म पर अपने अपने तरीके से खबर को सनसनीखेज बना दिया
वैक्सीनेशन कोऑर्डिनेटर डॉक्टर अमर सिंह से जब मेरी बातचीत हुई तो सारा मामला क्लियर हुआ उन्होंने विस्तृत से जानकारी देते हुए कहा कि हां एक दिन पहले एमएच एमएम आई की वैक्सीन जिसकी संख्या 700 डोज थी आई थी आई थी उस के दूसरे दिन कोवाशील्ड वैक्सीन के दो लाख डोज भारत सरकार द्वारा भेजे गए थे वह छत्तीसगढ़ राज्य के थे वह हमको मिल गए हैं और हमारे राज्य वैक्सीनेशन सेंटर डीके हॉस्पिटल के पीछे वेयर हाउस में सुरक्षित रखे हैं अभी तक उनका डिस्ट्रीब्यूशन शुरू नहीं किया गया है इस पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अभी भारत सरकार की तरफ से जो निर्देश दिए गए हैं उन्हीं के तहत राज्य सरकार काम कर रहा है हमने एनएच एम एम आई के अधिकारियों को तलब करके उनसे जानकारी ली और उन्हें बताया कि एक भी व्यक्ति बगैर हमारी जानकारी के ना तो वैक्सीन लगा सकता है और ना ही कोई स्टोर कर सकता है

वैक्सीनेशन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की मंशा पर उन्होंने कहा है कि हमारे पास जेसे ही पर्याप्त वैक्सीन का स्टॉक होता है हम कार्यक्रम शुरू कर देते हैं स्टेट कोऑर्डिनेटर से जब यह पूछा गया कि स्पूतनिक वैक्सीन को लेकर सरकार की क्या मंशा और क्या गाइडलाइन है पर उन्होंने कहा है कि अभी केंद्र सरकार से हम को किसी भी तरीके के कोई निर्देश इस वैक्सीन के लिए नहीं मिले हैं वहीं से जो निर्देश आएंगे उनको हम शब्द से पालन करेंगे वैसे भी डब्ल्यूएचओ का एक अलग फरमान सोशल मीडिया और खबरों में चल रहा है कि कोवैक्सीन और स्पूतनिक वैक्सीन को डब्ल्यूएचओ ने मान्यता नहीं दी है उसका टीका लगाने वालों को विदेशी एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं है
निजी अस्पतालों के वैक्सीनेशन करने को लेकर छत्तीसगढ़ शासन ने 3 दिन पहले ही आदेश जारी कर दिया है उसमें साफ लिखा हुआ है कि किसी भी तरीके की वैक्सीन लगाने से पहले उसे हमारे सीएचएमओ को सूचित करना पड़ेगा सीएमएचओ को यह भी बताना पड़ेगा कि वैक्सीन कितने रुपए में आमजन को लगा रहे हैं और उसके बाद कितना आपके पास स्टॉक है हमारे ऐप में उस व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा जिसको यह वैक्सीन लगा रहे हैं




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