गोवा ///// तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को उनके खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने सभी आरोपियों से बरी कर दिया गया है अतिरिक्त जिला एवं सत्र की अदालत ने शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल पर साल 2013 में महिला साथी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगे थे ,उसके खिलाफ उनकी महिला सरका सहकर्मी ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे महिला के आरोप के अनुसार गोवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पांच सितारा होटल की लिफ्ट में तेजपाल ने उनका उत्पीड़न किया था ,उसके बाद 30 नवंबर 20 13 को तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया था हालांकि उसके बाद मैं वो जमानत पर रिहा कर दिया गये थे कोरोना के चलते वेकेशन बंद में सभी नए फैसले की तिथि बार-बार बढ़ती रही अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत में के न्यायाधीश क्षमा जोशी ने 8 मार्च को तेजपाल के मामले में अंतिम दलीलें सुनी इस मामले में अतिरिक्त जिला अदालत 19 को फैसला सुनाने वाली थी लेकिन न्यायाधीश क्षमा जोशी ने फैसला आज 21 मई के दिन सुनाने के लिए कहा था अदालत ने इससे पहले भी कई बार फैसले की तिथि को डाला था कोर्ट ने पूर्व में कहा था कि करोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते स्टाफ की कमी के कारण सदन किया गया है इन धाराओं में चला था मुकदमा पुलिस ने नवंबर 2013 में तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी उसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया तेजपाल मई 14 से जमानत पर बाहर हैं गोवा अपराध शाखा ने तेजपाल के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 342 गलत तरीके से रोकना 342 करना 354 के हमला करना आपराधिक बल का प्रयोग करना 354 महिला का अधिकार की स्थिति रखने वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार ओके मेंशन कर सकने की स्थिति वाले व्यक्ति का बलात्कार के तहत मुकदमा चलने के ऊपर आरोप पर रोक लगा दी गई थी




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