गाजा /// धार्मिक समारोह के वक्त हुए पथराव में अब युद्ध का रूप धारण कर लिया है , इस्लामिक आतंकी संगठन हमास ने इसराइल पर करीब 500 से अधिक रॉकेट छोड़ने के बाद इजरायल द्वारा हमास के ठिकानों पर लगातार बमबारी की ja रही है , दोनों और से हो रही राकेट बाजी और बम बाजी मैं अभी तक 100 से ज्यादा लोग की मौत हो गई है और 800 से अधिक लोग हताहत हो गए हमास और इजरायल से युद्ध विराम को लेकर की गई तमाम अपील नाकाम होती दिखाई दे रहे हैं तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है धुएं के बादल और गिरती हुई बहुमंजिला इमारतों के वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहे हैं , स्थानी नागरिक की विडिओ में अल्लाह बचा लो या अल्लाह बचा लो के आवाज लगातार आ रही हैं वही आसमान से लगातार इसराइल आग बरसा रहा है जवाबी कार्रवाई में हमास इसराइल पर सेकड़ों रॉकेट से एक साथ हमला कर रहा है युद्ध जैसे हालातों पर अगर जल्दी ही काबू नहीं पाया गया या युद्ध विराम नहीं हुआ तो पूरी दुनिया दो धड़े में विभाजित होती नजर आएगी और इस करोना काल में तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत भी हो जाएगी है जो इस मानव रूपी जग के लिए बहुत ही घोर निंदनीय और घातक हो सकती है |
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चीन ने वैसे भी पूरे विश्व को जैविक युद्ध में ढकेल रखा है पूरे विश्व की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है पूरा दुनिया कोरोना की चपेट में त्राहिमाम त्राहिमाम कर रही है ,और चीन इस त्रासदी से दूर लोगों को मरते हुए देख रहा है दरअसल पूरे विश्व के देशों को चीन पर हमला करना चाहिए और उसे इसकी जन बुझकर की गई गलती का सबक सिखाना चाहिए उससे यदि अभी सबक नहीं सिखाया गया तो वह फिर ऐसा ही वायरस को फिर मानव सृष्टि मिटाने के लिए छोड़ेगा और हम फिर इसी तरीके से वैक्सीन, पी पी किट और ऑक्सीजन खोजते रह जाएंगे चीन ने जिस तरीके से बुहान शहर को इस वायरस के चपेट में आने के बाद अमानवीय व्यवहार कर दमन किया था इसी से उसकी मानसिकता समझ में आ जाना चाहिए कि उसकी नजरों में मानव की कोई भी कीमत नहीं है वह सिर्फ और सिर्फ व्यापार करके अपने आप को इस दुनिया का बेताज बादशाह घोषित करना चाहता है पर वह यह भूल रहा है कि जब जनता ही नहीं रहेगी तो है राज किस पर करेगा ऐसा नहीं है कि चीन इस गंदी हरकतें करके अपने आप को विश्व का ताज पहन सकेगा पर मानवता के खिलाफ यह पराकाष्ठा है चीन को यह समझना चाहिए कि यदि सारे लोगों ने मिलकर पलट के वार किया तो उसका भी नामोनिशान समाप्त हो जाएगा क्योंकि मरता हुआ आदमी कुछ भी कर सकता है इस बात को चीन को भूलना नहीं चाहिए और अपनी इस जैविक हथियार की तैयारियों में पिछले 5 साल से चीन लगा हुआ था और किस्मत से यह हथियार उसके ही शहर में विस्फोट हो गया इससे भी वह चेता नहीं और अभी भी वह अपनी हरकतों में आगे बढ़ा है इसका मतलब है कि अब चीन के अंतिम दिनों की स्थिति धीरे-धीरे निर्मित हो रहे हैं पूरा विश्व एक होकर निश्चित रूप से चीन को तगड़ा सबक सिखाने की तैयारी में है
इस बीच धार्मिक युद्ध इजरायल और फिलिस्तीन के बीच खेला गया है जिसको लेकर तृतीय विश्व युद्ध की और पूरी दुनिया को जाने के लिए मजबूर कर रहा है इस युद्ध में भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा इसमें कोई दो मत नहीं
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इजराइल में चौथी रात भी साम्प्रदायिक हिंसा होने के बाद लड़ाई और तेज हो गई। यहूदी और अरब समूहों में लॉड शहर में झड़पें हुई। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं। इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। लेबनान से देर रात रॉकेट दागे गए जिससे इजराइल की उत्तरी सीमा पर एक तीसरे पक्ष के शामिल होने का खतरा पैदा हो गया है।
इजरायल और हमास के बीच संघर्ष तमाम अपीलों के बाद भी थमा नहीं है। बीती रात को इजरायल ने हमास में जोरदार हमले करते हुए महज 40 मिनट के अंदर ही 450 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। इनके जरिए इजरायल ने हमास के 150 से ज्यादा ठिकानों को टारगेट किया और भारी नुकसान पहुंचाया। इजरायल डिफेंस फोर्स ने बताया कि उसने मिसाइलों के जरिए अब तक की सबसे बड़ी बम वर्षा की है। उसने अपने इन हमलों में हमास के सुरंगी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। हमास से छिड़े संघर्ष में इजरायल ने अब तक अपने आयरन डोम एरियल डिफेंस सिस्टम के जरिए दुश्मन के रॉकेटों को बड़ी संख्या में आसमान में ही नेस्तनाबूद कर दिया। वहीं अपनी मिसाइलों से गजा में बड़ी संख्या में इमारतों को ध्वस्त किया है।
इजरायली सेना के हमलों में अब तक गजा पट्टी में 111 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 31 बच्चे और 19 महिलाएं भी शामिल हैं। बीते 4 दिनों में इजरायल की ओर से की गईं एयरस्ट्राइक्स में ये मौतें हुई हैं। वहीं इजरायल के 8 नागरिकों की मौत हुई है। यही नहीं इजरायल के कई शहरों में भी गृहयुद्ध सरीखे हालात हैं। कई जगहों पर यहूदियों और अरबों के बीछ झड़पों की खबरें सुनने को मिली हैं। गजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक इजरायल की ओर से किए गए हमलों में 800 से ज्यादा नागरिक जख्मी भी हुए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन समेत दुनिया के कई नेताओं ने शांति की अपील की है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इजरायल और फलीस्तीन से शांति की अपील की है। मैक्रों ने अरबी और हिब्रू दोनों ही भाषाओं में अलग-अलग ट्वीट कर तत्काल शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। मैक्रों ने लिखा, 'मध्य पूर्व के देशों में हिंसा का चक्र तत्काल रुकना चाहिए। मैं संघर्ष विराम और संवाद की मांग करता हूं। शांति और सौहार्द की मांग करता हूं।' हालांकि अब तक
इजरायल और हमास की ओर से शांति के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू ने हमास के चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे आक्रामकता की भारी कीमत चुकानी होगी।
इजराइल ने कहा कि वह गाजा सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिकों को भेज रहा है और उसने हमास शासित क्षेत्र में संभावित जमीनी आक्रमण के लिए 9,000 सैनिकों को तैयार रहने को कहा है। यह दिखाता है कि दोनों शत्रु युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। मिस्र के मध्यस्थ संघर्ष विराम प्रयासों के लिए इजराइल पहुंचे लेकिन इसमें प्रगति के कोई संकेत नहीं दिखे हैं।
इजराइल में चौथी रात भी साम्प्रदायिक हिंसा होने के बाद लड़ाई और तेज हो गई। यहूदी और अरब समूहों में लॉड शहर में झड़पें हुई। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं। इस लड़ाई ने इजराइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। लेबनान से देर रात रॉकेट दागे गए जिससे इजराइल की उत्तरी सीमा पर एक तीसरे पक्ष के शामिल होने का खतरा पैदा हो गया
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हमास के एक वरिष्ठ निर्वासित नेता सालेह अरुरी ने लंदन स्थित एक चैनल को शुक्रवार को बताया कि उनके समूह ने पूर्ण संघर्ष विराम के लिए और बातचीत करने देने के लिए तीन घंटे के विराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र संघर्ष विराम प्रयासों की अगुवाई कर रहे हैं। इजराइली सेना ने शुक्रवार को कहा कि गाजा में हवाई और जमीनी हमले हो रहे हैं। गाजा सिटी के बाहरी इलाकों में विस्फोटों से आसमान में धुएं का गुबार बन गया। हमले इतने भयावह थे कि कई किलोमीटर दूर शहर में लोगों की चीखें सुनी गई।




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