
रायपुर ///// पोस्ट कोवेट के लक्षणों में देखा गया है कि सबसे ज्यादा कोवेट मरीजों को फेफड़े में ही तकलीफ होती है ,इसलिए फेफड़े के एक्सरसाइज बहुत ही जरूरी है खबर के साथ एक वीडियो भी है उसमें डॉक्टर अलीना गाडोले कंसलटेंट फिजियोथैरेपिस्ट ने बड़े ही सरल तरीके से देश के मंत्री नितिन गडकरी को अपना मॉडल मानते हुए प्रस्तुत दी है ,मंत्री जी भी कोरोना संक्रमित हो गए थे , माननीय नितिन गडकरी जी ने विशेष तौर पर यह वीडियो मुझे भेजा है जिसको मैं इस खबर के साथ अपलोड कर रहा हूं ,ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिल सके डॉक्टर अलीना और डॉक्टर सुभाष मिश्रा का यह कहना है कि पोस्ट कोवेट मरीजों को फेफड़ों की ही शिकायत होती है, इसलिए फिजियोथैरेपिस्ट से मिलकर एक्सरसाइज को तुरंत शुरू करना चाहिए जिस के फायदे लंग्स को होते हैं देर हो जाने से आसपास की मांसपेशियां हार्ड हो जाती हैं जिसके कारण फेफड़ा हमेशा के लिए डैमेज भी हो सकते है , सावधानी बरतें बहुत ही सरल तरीके की एक्सरसाइज है मरीजों को तुरंत आराम भी देता है दुनिया में यह माना गया है कि कोरोना वायरस सबसे ज्यादा फेफड़ों को ही हानि पहुंचाता है जिसकी कोई दवाई नहीं है सिर्फ एक्सरसाइज से ही यह फेंफडे अपनी पुरानी स्थिति में आने की पूरी संभावना है |
कोरोना वैक्सीनेशन के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां हैं यदि आप कोरोना से संक्रमित हो गए हैं तो रिपोर्ट नेगेटिव होने के बाद कम से कम 4 हफ्ते से लेकर 8 हफ्ते के भीतर ही टीका लगवाएं इसके पहले टीका लगवाने का पूरा फायदा नहीं हो भी सकता है , संक्रमित होने के करीब 28 दिन बाद बीमारी से लड़ने के लिए शरीर में एंटीबायोटिक बन जाती है ऐसे में जब आप पहला डोज लगाते हैं तो यह डोज दूसरे डोज के तरह काम करता है इसी तरह से पहला डोज लगवाने के बाद संक्रमित हो गए हैं तो भी दूसरा डोज 28 दिन बाद ही लगवाएं यह कहना है एम्स भोपाल के डायरेक्टर और देश के जाने माने वायरोलॉजिस्ट डॉक्टर रमन सिंह का उन्होंने कहा है कि टीका को लेकर लोगों में बहुत भ्रांतियां हैं लेकिन अभी तक यह सामने आया है कि जिन लोगों ने डोज लगवाए हैं उन्हें बीमारी गंभीर नहीं हुई है ,मौत के मामले भी अभी तक मेरी जानकारी में सामने नहीं आए यह पहले से ही सामने आ चुका है कि टीका लगवाने के बाद करीब 30 फ़ीसदी लोगों को संक्रमण हो सकता है लेकिन मामूली होगा जिस कंपनी का पहला टीका लगा है दूसरा भी उसी का लगवाना जरूरी है

दूध पिलाने वाली महिलाएं बिल्कुल टीका लगवा सकती हैं लेकिन गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने की अभी तक कोई गाइडलाइन नहीं आई इसलिए अभी उन्हें नहीं लगवाना चाहिए टीबी एचआईवी और अन्य घातक बीमारियां जिसमें प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है ऐसे मरीज को टिका लगवाना चाहिए कि नहीं टीवी मरीज को टीका लगाने का फायदा है एचआईवी को लगाने से फायदा होगा या नहीं लेकिन लेकिन इतना जरूरी है कि कोई नुकसान नहीं होगा , माहवारी के दौरान महिलाओं को टीका लगवाने चाहिए बिल्कुल लगवाने चाहिए या गलत धारणा बन गई है कि इस दौरान प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है इसे टीका नहीं लगवाना चाहिए 18 19 से कम 18 साल से कम उम्र के लोगों की कब तक तैयार हो जाएगा इस पर चल रही है अभी कुछ कहा नहीं जा सकता




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