रायपुर /// संक्रमण के मामले में छत्तीसगढ़ देश के उन तीन बड़े राज्यों में से एक है जहां कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने बुरी तरीके से चपेट में ले लिया है सरकार के हाथ पैर फूल गए हैं वह सर्फ बयान बाजी जारी कर रही हे सबसे ताज्जुब की बात यह है कि सरकार ने जितने भी कंट्रोल रूम से लेकर तमाम तरह के हल्प लाइन नंबर जारी किए हैं उनमें फोन उठता ही नहीं जितने भी मोबाइल नंबर दिए गए हैं वह या तो व्यस्त बताते हैं या आउट ऑफ रीच होते हैं इसी से समझ में आ रहा है कि महामारी ने किस तरीके से पैर पसार रखे हैं एसे में कोरोना से प्रभावित मरीज दर-दर भटक रहे

संक्रमण रोकने मजबूरन सरकार को लॉक डाउन की घोषणा करना पड़ी राज्य सरकार ने बड़ी चतुराई से यह काम जिला कलेक्टरों के सुपुर्द कर दिया कि वह अपने जिले की स्थिति देखें ओर निर्णय लें कलेक्टर ने आनन-फानन में मीटिंग बुलाई और अनाउंस कर दिया की आज से 3 दिन बाद जिले में संपूर्ण लाक डाउन लगाया जाता है जिले की तमाम की सीमाएं सील की जाती है फरमान जारी हो गया 3 दिन की मोहलत में लोगों ने अपने जरूरत के सामान की काफी हद तक आपूर्ति कर ली लेकिन यह पर्याप्त नहीं रही है

जैसे-जैसे लॉक डाउन का समय बीतता गया लोगों के जरूरत के सामान समाप्त होने लगे जो पैसे से वह भी खर्च हो गए पैसे का इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन सूख गया विनिमय हो ही नहीं रहा सिटी में बैंक एटीएम खाली पड़े हैं और मरीजों को हॉस्पिटल में भर्ती होने में बिना पैसे भारी परेशानी हो रही है इस पर कलेक्टर महोदय का ना तो बयान है ना ही सुनवाई है




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