वैसे तो इस मूल सूत्र को हर संस्कृति में अलग-अलग विद्वानों ने बहुत ही सरल भाषा में इस ब्रह्मांड के सबसे समझदार जीव जिसे हम मानव कहते हैं उसे बड़े ही विस्तार के साथ हर धर्म के धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से बताया गया , आत्मा की खोज में लगे तमाम- ऋषि ,मुनि, साधु ,संत , फकीर और वैज्ञानिक अभी तक इस मूल को नहीं समझ पाए हैं कि ऐसा क्या है इसे हम प्राण कहते हैं कैसे हमारे गर्भ में गए आता है वह सूक्ष्म तत्व हमें पूरा जीवन देता है और फिर हमें छोड़ कर चला जाता है

वह सूक्ष्म तंत्र जिसे हम आज तक आत्मा कहते हैं शरीर को उतरे कपड़े की तरह छोड़ देता है और नए शरीर में प्रवेश कर जाता है इस गूढ़ रहस्य को आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है वैज्ञानिक इसे शुक्राणु की संरचना से उत्पन उर्जा को आत्मा की संज्ञा देते तो वही ऋषि ,मुनि, विद्वान इसे परमात्मा के अंश के रूप में निरूपित करते हैं सत्य क्या है यह आज तक कोई जान नहीं पाया है लेकिन जितने भी जीव इस पृथ्वी पर विद्यमान हैं वह किसी न किसी ऊर्जा के साथ संचालित हो रहे भव्य ऊर्जा क्या है इसकी अलग-अलग धारणाएं हैं लेकिन जो न्यू प्लेयर थ्योरी है उसका इतहास के ग्रंथों में जो उल्लेख है उसे आत्मा ही कहा जा रहा है और यह धारणा विकसित हो गई है कि आत्मा ईश्वर का अंश है वह आप के गर्भ में प्रवेश कर अनिश्चित काल तक आपके साथ रहती है जिसे हम मृत्यु कहते हैं के पश्चात वह परमात्मा में विलीन हो जाती है उस आत्मा के अगले खंड काल का शुभारंभ विद्वान कहते हैं कि कर्म के आधार पर वह नया चोला चुनती है और यह प्रक्रिया निरंतर चली आ रही है

जब इस विषय पर मनुष्य ध्यान केंद्रित करता है तो एक अलग सा रोमांच उसके जनचेतना में आता है वह सोचने में मजबूर हो जाता है कि मैंने जन्म लिया बड़ा हुआ जवान हुआ परिणय सूत्र में बंधा पढ़ने के परिणाम के स्वरूप नई ऊर्जा के साथ एक नई आत्मा ने गर्भ में प्रवेश कर हमारी सृष्टि में आगमन किया फिर वह आत्मा शरीर के साथ धीरे-धीरे बड़ी हुई बढ़ते हुए शरीर में अनेक प्रकार के परिवर्तन स्वाभाविक रूप से होते रहे आवश्यक समय पर वह फिर परिणय सूत्र में बंधे फिर उसके परिणाम स्वरूप एक नय जीव ने इस सृष्टि में अपना कदम रखा यह सिलसिला अनंत काल से चल आ रहा है लेकिन आज तक सिर्फ अपवाद ही है कि वह जन्म लिया संपूर्ण जीवन जिया क्रोध, मोह ,लाभ के तंत्र में जकड़ा धन संपदा बनाई घर बनाया उसके परिजन उसमें रहने लगे और वह चला गया जाने के बाद वह वापस आया कि नहीं आया इसके कहीं कोई परिणाम नहीं मिलते लेकिन यह सही है की यह एक अदृश्य चक्र है जो लगातार चल रहा है इसी चक्कर को एक ग्राफिक डिजाइनर ने बड़े ही सरलता के साथ समझाया है देखें




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