घटनास्थल पर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मारे जाने और हताहत होने के सबूत मिले हैं दो नक्सलियों का शव भी बरामद किया है
बीजापुर ///// नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 जवान शहीद होने के पुष्टि आईजी सुंदर राज ने की है 30 से जवान लापता होने की जानकारी के साथ अभी यह जानकारी निकल कर आई है कि उनमें से 20 जवान और शहीद हो गए हैं जिनके शव बरामदगी के लिए बैकअप फ़ोर्स जंगल में घुस गई है और मृत शहीदों के शव को भी इकट्ठा भी किया जा रहा है मुठभेड़ की जगह जंगल में फेले जवानों के शवों को इकट्ठा कर रेस्क्यू किया जा रहा है गंभीर रूप से घायल जवानों को रायपुर भेजा गया है वही कुछ जवानों का बीजापुर में इलाज चल रहा है

घटना की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी हमारे जवानों ने भी नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया है छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षा कर्मियों के शहीद होने पर शोक व्यक्त करता हूं उनके बलिदान को कभी नहीं भूलाया जाएगा मेरी संवेदनाएं शहीद होने वाले जवान के परिवारों के साथ हैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं
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आसाम दौरे पर हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उन्होंने भी जवानों की शहादत पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पहली बार नक्सल गढ़ के मुख्यालय पर अटैक कर नक्सलियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है ,हमारे भी जवान शहीद हुए हैं उनकी शहादत को में नमन करता हूं और इस दुख की घड़ी में मैं उनके परिवार के साथ खड़ा हूं कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि अब नक्सली गतिविधियों का यह आखिरी दमन चक्र है और इसे समाप्त करके बस्तर को नक्सली मुक्त कराना है सरकार का एकमात्र उद्देश्य है ,

शनिवार दोपहर से हुई मुठभेड़ में 5 जवानों के शहीदों की तो पुष्टि हो गई थी लेकिन पुलिस ने यह भी कहा था कि मृतक जवानों की संख्या बढ़ सकती है माओवादी इस इलाके में सुरक्षा बलों के 30 जवान के घायल होने की खबर दी है जिसमें 7 घायल को रायपुर लाया गया है इसमें दो की हालत गंभीर है 22 अन्य जवानों को बीजापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है
दोपहर 1:00 बजे तर्रेम से करीब 12 किलोमीटर अंदर टेकलगुडा जंगल में घात लगाए बैठे नक्सलियों ने फोर्स को घेर लिया .बेहद दुर्गम इलाके में नक्सली पहाड़ी पर घात लगाकर बैठे थे फोर्स के रेंज में आते ही उन्होंने हमला बोल दिया फोर्स ने भी डटकर मुकाबला किया 3 घंटे से ज्यादा वक्त तक दोनों ओर से गोलाबारी हुई मुठभेड़ स्थल झीरम हमले के मास्टरमाइंड हिडबा के गांव के पास बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार हमला करने वाले नक्सली उस टीम के सदस्य थे काफी लंबे समय से गांव में नक्सलियों का जमावड़ा लगा हुआ था ऐसी खबर थी या इलाका छत्तीसगढ़ नक्सली फोर्स का मिलिट्री कमांडर इलाका है यहां पहली बार संयुक्त रूप से कार्यवाही की गई थी निश्चित ही नुकसान जवानों का होना ही था लेकिन पहली बार उनके किले में जाकर हमला करने से जो नक्सलियों में भगदड़ मची है और उनके लक्ष्मी भी बहुत संख्या में मारे गए हैं के सबूत मिल रहे हैं बीजापुर तेलंगाना की सीमा से लगा हुआ जिला होने के कारण ऐसा बताया जा रहा है कि अपने किले को छोड़कर काफी संख्या में नक्सली पड़ोसी राज्य के जंगल में भाग गए हैं फिर भी क्योंकि यह नक्सल गढ़ का किला था काफी संख्या में नक्सली मोर्चा संभाले हुए हैं
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डीजी डीएम अवस्थी छत्तीसगढ़ में कहा है कि यह छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जिले के बॉर्डर से लगा अपने वाला तारेम क्षेत्र में यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब केंद्रीय और राज्य के सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम नक्सली विरोधी अभियान पर गई हुई थी , बीजापुर और सुकमा के बीच इस इलाके में नक्सलियों का गढ़ है और उनकी मिलिट्री इकाई बटालियन नंबर 1 का इलाका भी यही है नक्सलियों के बड़े कमांडर हिडिंबा की मौजूदगी में ट्रेनिंग कैंप की सूचना के बाद चारों तरफ से घेरने शुक्रवार को करीब 2000 जवानों को रवाना किया गया था जिसमें सीआरपीएफ, एंटीना कोबरा और के अलावा डीआरजी एसटीएफ और जिला पुलिस बल शामिल था




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