उदयनिधि,प्रियांक,स्वामी प्रसाद,परमेश्वरा और चंद्रशेखर के मुंह पर अमेरिकियों का तमाचा
-नरेन्द्र कुमार वर्मा
नई दिल्ली 29/09/2023/// सनातन धर्म की जड़े कितनी गहरी है इसका अंदाजा उदयनिधि स्टालिन, प्रियांक खड़गे, स्वामी प्रसाद मौर्य,जी परमेश्वरा और चंद्रशेखर यादव को नहीं है। इन लोगों को वैदिक हिंदू धर्म का रत्तीभर भी ज्ञान नहीं है। अगर इन्हें सनातन धर्म की विराटता, दर्शन, चिंतन, ग्रंथ, मठ, मंदिरों, शिवालयों, साधु सन्यासियों, तपस्वियों, ऋषि-मुनियों और पावनता का ज्ञान होता तो यह लोग सनातन धर्म के बारे में टिप्पणियां न करते। सनातन धर्म के बारे में बुरा-भला कहने वाले इन लोगों के मुंह पर सात समुंदर पार से कड़ा तमाचा मारा गया है। अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में रॉबिन्सविले टाउनशिप में सनातन धर्म में आस्था रखने वालों ने दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर तैयार किया है। 8 अक्टूबर 2023 को इस भव्य मंदिर को जनता के दर्शनों के खोल दिया जाएगा। इस मंदिर के निर्माण की सबसे विशेष बात यह हैं कि इसे बनाने वालों में भारतीय नहीं बल्कि 12500 अमेरिकी भक्त शामिल थे। सनातन हिंदू धर्म में गहरी आस्था रखने वाले इन भक्तों ने 12 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद इस विशाल मंदिर को तैयार किया है। इस मंदिर के एक-एक पत्थर को वहां के लोगों ने अपने हाथ से तराशा है। इस मंदिर के निर्माण में 4 तरह के पत्थरों का प्रयोग किया गया है जिसमें लाइमस्टोन, गुलाबी बलुओ पत्थर, संगमरमर और ग्रेनाइट शामिल है। इस मंदिर के प्रांगण में बने ब्रह्मकुंड में भारत की सभी पवित्र नदियों का जल प्रवाहित किया गया है और अमेरिका के 50 राज्यों के जलाशयों से भी पानी लाकर इसमें मिलाया गया है।

इस मंदिर में हिंदू देवी-देवाताओं की 10 हजार जीवंत प्रतिमाएं हैं। 183 एकड़ में फैले इस मंदिर को दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर होने का गौरव मिला हैं। इस मंदिर की दिवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़ी नक्काशी और हिंदू सभ्यता से जुड़े प्रतिक चिन्हों को बनाया गया है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश की धरती पर बने इस मंदिर के बारे में अब उदयनिधि स्टालिन क्या कहेंगे। इस मंदिर के शिखर पर लहराती भगवा पताका को देखकर बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर यादव को कई दिनों तक नींद नहीं आएगी। जिस सनातन धर्म के बारे में उनके मुख से दुर्वचन निकले थे उस मुख की जिव्हा इस मंदिर के महाशिखर को देखकर अवश्य सूख जाएगी। जिस सनातन धर्म के बारे में स्वामी प्रसाद मौर्य टिप्पणी कर रहे थे उन्हें पता होना चाहिए कि न्यू जर्सी में बना यह हिंदू मंदिर आने वाले 1000 वर्षों तक सारी दुनिया में सनातन धर्म की पताका को फहराता रहेगा।
सनातन धर्म की पहचान युगों-युगों से रही है। कोई इसकी विरटता को मिटा नहीं पाया। बल्कि जिन्होंने सनातन धर्म पर प्रहार किया वह स्वयं ही मिट गए। विश्वभर में सनातन धर्म के प्रतिक चिन्ह शताब्दियों से फैले पड़े है जिन्हें आज यूनेस्को व्दारा संरक्षित किया जा रहा है। उदयनिधि स्टालिन, प्रियांक खड़गे, स्वामी प्रसाद मौर्य,जी परमेश्वरा और चंद्रशेखर यादव जैसे बुध्दि के बैरियों को पश्चाताप के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा। वैदिक हिंदू धर्म आज सारी दुनिया को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। यही कारण हैं कि अमेरिका में सनातन धर्म के प्रति भक्ति और आस्था बढ़ती जा रही है। वहां के लोग ईश्वर, आत्मा, तत्व ज्ञान, ध्यान, योग और मोक्ष की प्राप्ती के लिए सनातन धर्म की तरफ आ रहे हैं। सनातन धर्म एक ऐसी प्रक्रिया है जिसकी संस्कृति ने सभी का ध्यान खिंचा है। भारत में सनातन धर्म को मानने वाले नैतिक और सदाचारी है इसलिए वह क्षमा करने में विश्वास रखते है। मगर इस बार वैदिक धर्म के बारे में अभद्रपूर्ण टिप्पणी करने वालों को भारत से नहीं बल्कि सात समुंदर पास से करारा जवाब मिला है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)




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