33 करोड़ देवी देवता की संख्या में गलती से कोटी को करोड़ लिख दिया
गया है कोटी में जो अबभ्रंश हुआ है उसका सुंदर वर्णन पंडित रामा कृष्णा ने तेनाली
राज्य के राजा के सामने प्रस्तुत किया है वैसे तो उसमें दावा किया गया है कि 33 कोटी शब्द को जब अनुवाद किया गया
तो अनुवादक ने कोटी को करोड़ में कन्वर्ट कर दिया इससे भारी कन्फ्यूजन शुरू हुआ जो
काफी दिनों से चलता आ रहा है लेकिन इस वीडियो से लगता है की पंडित रामा कृष्णा ठीक
ही कह रहे हैं उन्होंने 33 कोटी देवताओं का वर्णन भी बड़े
सरल तरीके से किया है ऐसा लग रहा है की वह सही ही बोल रहे हैं
परिचय
Keerthi sai ran from chinnapeedyalm तेनाली रामालिंगाचार्युलु का जन्म १६वीं सदी के प्रारंभ में
थुमुलुरु नामक गाँव में एक तेलुगु भट्ट ब्राह्मण परिवार में हुआ था । हालांकि
लोकप्रिय धारणानुसार उनका जन्म तेनाली में हुआ था। उनका जन्म नाम गरालपति
रामाकृष्णा शर्मा था। उनके पिता गरालपति
रामैया तेनाली
नगर के रामलिंगेस्वर स्वामी मंदिर में पुरोहित थे। रामैया का निधन रामकृष्ण के
बाल्यकाल में ही हो गया था, जिसके
पश्चात उनकी माता लक्षम्मा तेनाली नगर लौट कर अपने भाई के साथ रहने
लगीं। रामाकृष्णा अपने मामा के नगर में ही बड़े हुये और रामाकृष्णा के नाम से जाने
जाने लगे। तेनालीरामा ने बाल्यकाल में कोई औपरचारिक शिक्षा नहीं पाई, परंतु ज्ञान की क्षुधा के कारण वे बाद
में प्रकांड विद्वान बनें। एक सुपरिचित लोक कथा के अनुसार शैव होने के नाते
तेनालीरामा को वैष्णव विद्वान अपना शिष्य बनाने से इंकार करते रहे। एक बार जब वे
मारे मारे फिर रहे थे तब एक मुनि ने उन्हें माँ काली की साधना करने का सुझाव दिया।
तेनालीरामा की भक्ति से प्रसन्न हो काली ने उन्हें दर्शन दिये और रामा को दो कटोरे
दिए पहले कटोरे में दही था जो धन के लिए था व दूसरे में दूध था जो बुद्भीमता के
लिये था। देवी ने रामा को कहा के कोई एक कटोरा लेले तो रामा ने दोनो ही ले लिये
जिससे रामा महा-धनवान व महा-बुद्धिमान बना गया।
तेनाली रामाकृष्णा ने हिन्दू
धर्म पर रचनायें की हैं। कहा जाता है कि वे मूल रूप से शैव थे और रामलिंग के नाम से जाने जाते थे
पर बाद में उन्होंने वैष्णव धर्म अपना कर अपना नाम रामकृष्ण रख
लिया। रामा की पत्नी शारधा और पुत्र भास्कर शर्मा था। रामा का परम मित्र गुंडप्पा था।




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